loader

पीएम को मिले गिफ्ट की नीलामी 17 से, पैसा नमामि गंगे में लगेगा

भारत के प्रधानमंत्री को विभिन्न देशों और भारत में विभिन्न लोगों से मिले उपहारों की ई-नीलामी 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होगी। संयोग से 17 सितंबर को पीएम मोदी और 2 अक्टूबर को गांधी जी का जन्मदिन मनाया जाता है। पिछली बार सितंबर 2021 में जब भारत के प्रधानमंत्री को मिले गिफ्ट की नीलामी हुई थी तो उसकी बड़ी चर्चा थी। इस बार भी इस प्रस्तावित नीलामी को लेकर काफी चर्चा है।
विभिन्न मीडिया रपटों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गिफ्ट में मिलीं करीब 1,200 से अधिक वस्तुओं की नीलामी इस बार की जाएगी और इससे जो पैसा आएगा, उसे नमामि गंगे मिशन में खर्च किया जाएगा। यहां यह बताना जरूरी है कि विदेशों से ये गिफ्ट भारत को मिलते हैं। चूंकि प्रधानमंत्री उसके माध्यम होते तो यह गिफ्ट भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा स्वीकार किया जाता है और बाद में उसे नीलाम कर पैसा चैरिटी में लगाया जाता है।

ताजा ख़बरें
पीटीआई की एक खबर के मुताबिक नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के महानिदेशक अद्वैत गडनायक ने कहा कि नीलामी वेब पोर्टल pmmementos.gov.in के माध्यम से होगी और 2 अक्टूबर को समाप्त होगी। उस पोर्टल पर उपहार प्रदर्शित किए गए हैं।

खबरों के मुताबिक गिफ्ट का बेस रेट 100 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक है। इन उपहारों की लिस्ट में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा गिफ्ट की गई रानी कमलापति की मूर्ति, हनुमान मूर्ति और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई सूर्य पेंटिंग और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दिया गया त्रिशूल शामिल है।

इसमें कोल्हापुर की देवी महालक्ष्मी की एक मूर्ति भी शामिल है, जिसे एनसीपी नेता अजीत पवार ने उपहार में दिया था और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी द्वारा उपहार में दी गई भगवान वेंकटेश्वर की की मूर्ति भी शामिल है। पीएम मोदी को मिले उपहारों की ई-नीलामी का यह चौथा संस्करण होगा।

नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के निदेशक तेम्सुनारो जमीर ने बताया कि पदक विजेता खिलाड़ियों द्वारा हस्ताक्षरित टी-शर्ट, बॉक्सिंग दस्ताने, भाला और रैकेट जैसी खेल वस्तुओं का एक विशेष संग्रह भी इसमें शामिल है। उपहारों में हस्तशिल्प और लोक कलाकृतियां भी शामिल हैं। जिसमें पारंपरिक अंगवस्त्र, शॉल, सिर के गियर, औपचारिक तलवारें आदि हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य यादगार वस्तुओं में अयोध्या में बन रहे राम मंदिर और वाराणसी में काशी-विश्वनाथ मंदिर के मॉडल शामिल हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर में बताया गया है कि दिल्ली के कंप्यूटर पार्ट्स व्यापारी प्रवेश कुमार गुप्ता ने पहले 18 वस्तुओं के लिए बोली लगाई थी, लेकिन वो सिर्फ तीन जीतने में सफल रहे। गुप्ता ने कहा, अब मैं अगले दौर में भी पीएम स्मृति चिन्ह के लिए बोली लगाऊंगा। गुड़गांव में काम करने वाले एक प्रोफेशनल बोलीदाता ने ईटी को बताया, मैं कुछ समय से पीएम स्मृति चिन्ह के लिए बोली लगा रहा हूं। लेकिन मैं सिर्फ ऐतिहासिक मूल्य वाली वस्तुओं पर बोली लगाता हूं। मैंने नीलामी में पेंटिंग और कुछ छोटी कलाकृतियों के लिए बोली लगाई है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें