इससे बेहूदा तर्क क्या कोई और हो सकता है कि नोटबंदी के दौरान एटीएम से पैसा निकालने के लगी लाइनों में तो लोग मर गए लेकिन शाहीन बाग़ में कोई नहीं मरा। लेकिन बीजेपी के नेताओं के मुताबिक़ यह तर्क है और इस तर्क को सोशल मीडिया में बीते कई दिनों से उनके द्वारा जमकर शेयर किया जा रहा है। मुख्य मीडिया में इस तर्क को पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रखा है।
नोटबंदी में सौ लोग मरे, शाहीन बाग़ में कोई क्यों नहीं मरा: दिलीप घोष
- देश
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- 29 Jan, 2020
पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि शाहीन बाग़ में बैठी महिलाओं और बच्चों ने ऐसा कौन सा अमृत पी लिया है कि वे मर नहीं रहे हैं।

दिलीप घोष ने मंगलवार को कोलकाता प्रेस क्लब में कहा, 'नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन में अभी तक कोई मरा क्यों नहीं।’ इस क़ानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि नोटबंदी के दौरान एटीएम से पैसा निकालने के लिए लगी लाइनों में खड़े 100 से ज़्यादा लोग मर गए थे।