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सोनम कपूर, अनुराग कश्यप सहित 2500 लोगों ने लिखा- ‘रिया को फँसाओ' एक नाटक 

रिया चक्रवर्ती के 'मीडिया ट्रायल' और 'विच हंट' के ख़िलाफ़ बॉलीवुड हस्तियों सहित 2500 से ज़्यादा लोगों और 60 से ज़्यादा संगठनों ने खुला ख़त लिखा है। भारतीय समाचार मीडिया को संबोधित इस ख़त पर हस्ताक्षर करने वालों में सोनम कपूर, अनुराग कश्यप, ज़ोया अख्तर, गौरी शिंदे, अदिति मित्तल आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि 'रिया को फँसाओ' नाटक खेला जा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में आरोपों का सामना कर रही रिया चक्रवर्ती को ड्रग्स के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया है। वह फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। 

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सुशांत की मौत के मामले में सीबीआई जाँच कर रही है, लेकिन इसके साथ ही दो अन्य एजेंसियाँ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी भी जाँच कर रही हैं। सीबीआई की ओर से अब तक यह नहीं बताया गया है कि सुशांत की मौत के मामले में रिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत मिल पाए हैं या नहीं। सुशांत के बैंक खाते से जो पैसे निकालने के आरोप लगाए गए थे उसमें भी ईडी को कोई सबूत नहीं मिला। इसके बावजूद कुछ मीडिया संस्थान रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ हाथ धोकर पीछे पड़े रहे। आख़िर में एनसीबी ने ड्रग्स के एंगल ढूँढ निकाला। हालाँकि उनके पास से ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है लेकिन इस आरोप के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है कि वह सुशांत के लिए ड्रग्स खरीदती थीं। 

इस पूरे मामले में मीडिया के एक हिस्से पर यह आरोप लगता रहा कि वह लगातार ऐसी रिपोर्टिंग कर रहा है जो साफ़ तौर पर मीडिया ट्रायल है। लोगों ने ऐसी मीडिया रिपोर्टिंग की आलोचना की।

आलोचना करने वालों में बॉलीवुड की हस्तियाँ और सोशल मीडिया यूज़र भी शामिल हैं। उन्हीं आलोचनाओं के बीच यह खुला ख़त सामने आया है।

बॉलीवुड के लोगों के इस खुले ख़त में लिखा गया है, 'हम जानते हैं कि आप अलग हो सकते हैं - क्योंकि हमने आपको इसी दुनिया के सलमान ख़ान और संजय दत्त के प्रति दयालु और सम्मान व्यक्त करते देखा है यह आग्रह करते हुए कि हम उनके परिवारों, प्रशंसकों और करियर के बारे में सोचें। लेकिन, जब एक युवा महिला की बात आती है जिनपर कोई भी अपराध साबित नहीं हो पाया है, आपने उसके चरित्र की हत्या कर दी है, उसे और उसके परिवार को बदनाम करने के लिए एक ऑनलाइन भीड़ को उकसाया, ग़लत माँगों को हवा दी और उसकी गिरफ्तारी को जीत बताया।' 

देखिए आशुतोष की बात में- “रिया को फँसाने वाले ये बेशर्म अफ़सर”

खुले ख़त के हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि समाचार मीडिया ने 'रिया को फँसाओ' के एक नाटक के लिए उसकी गोपनीयता का बेइंतहाँ उल्लंघन किया, झूठे आरोप गढ़े और ओवरटाइम काम किया। 

मीडिया की तब काफ़ी आलोचना की गई जब रिया चक्रवर्ती एनसीबी में पेश होने के लिए जा रही थीं और मीडिया के कैमरे की भीड़ ने उन्हें ऐसे घेर लिया जैसे वह भीड़ का शिकार होने वाली हों। मीडिया में आई इससे जुड़ी तसवीरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था और इसकी व्यापक निंदा की गई। बॉलीवुड की हस्तियों ने भी इसकी आलोचना की थी। 

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद भाई-भतीजावाद, प्रताड़ना और ड्रग्स के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे फ़िल्म उद्योग ने इसी महीने खुला ख़त लिखकर क़रारा जवाब दिया है। लगातार इन आरोपों के कारण बॉलीवुड की प्रतिष्ठा पर आँच आने के बाद प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने यह ख़त लिखा था। इसने कहा कि सुशांत की दुर्भाग्यपूण मौत के सहारे फ़िल्म उद्योग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस ख़त में भाई-भतीजावाद, प्रताड़ना और ड्रग्स के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया गया है और कहा गया है कि यह 'नीच और दुष्ट ट्रोलिंग' की कारामात है।

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बॉलीवुड में नये आने वालों की प्रताड़ना, भाई-भतीजावाद और ड्रग्स को लेकर इस ताज़ा बहस की शुरुआत अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद के आरोप लगाने से हुई थी। लेकिन सुशांत की मौत के बाद इसमें न्यूकमर्स की प्रताड़ना और फिर बाद में ड्रग्स का एँगल भी जुड़ गया। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की 14 जून को मौत हो गई थी। लेकिन इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब उनके पिता के के सिंह ने एफ़आईआर दर्ज कराई और उनकी मौत पर संदेह जाहिर किया। बिहार में चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को लपका और सीबीआई जाँच की माँग होने लगी। बिहार और मुंबई पुलिस के बीच विवाद होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा और आख़िरकार कोर्ट ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया। यह जाँच जारी है। 

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