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जिम में कसरत के दौरान कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा

स्टैंड-अप कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को जिम में कसरत के दौरान दिल का दौरा पड़ा। वह ट्रेडमिल पर कसरत कर रहे थे तभी उन्हें सीने में दर्द हुआ और वे गिर पड़े। उन्हें उनके ट्रेनर द्वारा एम्स दिल्ली लाया गया। उनके दोस्त और सहयोगी सुनील पाल ने कहा है कि वह अब ख़तरे से बाहर हैं।

58 वर्षीय राजू श्रीवास्तव को एम्स में दो बार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया गया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार श्रीवास्तव की एंजियोप्लास्टी हुई और उपचार से उनकी हालत में सुधार हुआ। कॉमेडियन फिलहाल अस्पताल में निगरानी में हैं।

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स्टैंड अप कॉमेडियन सुनील पाल ने मीडिया के साथ साझा किए गए एक वीडियो में कहा है, 'वह अब ठीक हैं। वह ख़तरे से बाहर हैं। 

राजू श्रीवास्तव कॉमेडी के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वह बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के चेयरमैन हैं। नोएडा में फिल्म सिटी स्थापित करने में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वे अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

एक समय कॉमेडी की दुनिया में राज करने वाले राजू श्रीवास्तव देश के सबसे सफल स्टैंड-अप कॉमेडियन में से एक हैं। वह टेलीविजन पर बेहद लोकप्रिय हैं।

वह 1980 के दशक से मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं। उन्हें पहली बार टीवी पर बड़े पैमाने पर स्टैंड-अप कॉमेडी शो 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' से पहचान मिली। उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया है। वह 'मैंने प्यार किया', 'बाजीगर', 'बॉम्बे टू गोवा' और 'आमदानी अठन्नी खर्चा रुपैया' जैसी हिंदी फिल्मों में दिखाई दिए। वह 'बिग बॉस' में भी प्रतिभागी रहे हैं। 
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कड़ी कसरत के क्या हैं ख़तरे?

हाल में ऐसी रिपोर्टें आती रही हैं कि जिम में कड़ी कसरत करने से कुछ लोगों को कई तरह की दिक्कतें आई हैं। कई बार हार्ट अटैक के मामले भी आते रहे हैं। इसको लेकर जानकार सचेत करते रहे हैं। इसको लेकर कई बार सचेत किया गया है कि कई बार अनफिट लोग जिम में ज़्यादा पसीना बहाने के चक्कर में कसरत की सीमाओं को लांघ जाते हैं। शारीरिक क्षमताओं की अनदेखी कर कसरत करना कई बार भारी पड़ जाता है। 

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कहा जाता है कि कई बार गंभीर बीमारियों से पहले शरीर में इसके संकेत मिलने लगते हैं। ऐसे में शरीर में बदलाव को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि जिन लोगों को अचानक हार्ट अटैक आता है, उनमें भी ज्यादातर लोग शरीर के संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। ऐसे मामलों में सलाह दी जाती है कि साँस में तकलीफ होने, सीने में दर्द या ज़्यादा थकान महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
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