आरोपी नरसिंहानंद को जांच के दौरान जांच अधिकारी (आईओ) द्वारा जांच में सहयोग के लिए बुलाए जाने पर उनके निर्देशानुसार जांच अधिकारी के सामने पेश होगा। जांच के दौरान हर महीने की 10 तारीख को अपनी उपस्थिति की जानकारी स्थानीय पुलिस स्टेशन को देनी होगी यानी हाजिरी लगानी होगी।
नरसिंहानंद को 16 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और उस पर धारा 295 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), 509 (किसी भी महिला की शील का अपमान करने का इरादा), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (अपमान का उद्देश्य उल्लंघन को भड़काना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर आईपीसी की धारा 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) भी लगाई गई थी।