गोल डाकखाने से भी शुरू हुआ मार्च

मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को मध्य दिल्ली के गोले डाक खाना के पास से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी मतदाता नामों को कथित रूप से हटाए जाने के विरोध में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय की ओर बढ़े। इस मार्च में लगभग 100-150 लोग जमा हुए हैं। दिल्ली कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा आयोजित इस मार्च को केवाईएस और एसएफआई सहित छात्र समूहों के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला।

योगेंद्र यादव और वृंदा करात मार्च में शामिल हुए

एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव दिल्ली में चुनाव आयुक्त कार्यालय तक चल रहे विरोध मार्च में शामिल हो गए हैं। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति अधिनियम को रद्द करें।” सीपीआईएम की नेता वृंदा करात भी मार्च में शामिल हो गई हैं।

गुरुद्वारा के पास ही पुलिस ने मार्च को रोका

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे 'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' मार्च को दिल्ली पुलिस ने बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास रोक दिया। सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने कहा, "जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

बंगला साहिब से मार्च शुरू

ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर रद्द करने की मांग को लेकर गुरुद्वारा बंगला साहिब से People Against SIR' का मार्च शुरू हो चुका है। अभी लोगों की तादाद कम दिख रही है। अभी कोई बड़ा नेता मार्च में नज़र नहीं आया है। इस मार्च को केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाना है लेकिन पुलिस ने इसे रोकने का पूरा इंतज़ाम किया है।

प्रशांत भूषण के नेतृत्व में पालमपुर में मार्च

आज हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में लोकतंत्र बचाओ दिवस के अवसर पर एसआईआर, ज्ञानेश कुमार और ईवीएम के खिलाफ नागरिकों का विरोध मार्च निकाला गया। इसका नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने किया। प्रशांत भूषण ने वहां का वीडियो भी ट्वीट किया है।

लखनऊ में आम आदमी पार्टी ने मार्च निकाला

लखनऊ के कैसरबाग स्वास्थ्य भवन के पास आम आदमी पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा के लिए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आम आदमी पार्टी प्रदेश सचिव शहजादा शकील खान जिला सहप्रभारी संतकबीरनगर खलीलाबाद को हिरासत में लिया गया।

बिना पुलिस अनुमति के मार्च निकालने का ऐलान

‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ ने स्पष्ट किया है कि उसने प्रस्तावित मार्च के लिए पुलिस से अनुमति नहीं मांगी है। संगठन ने पुलिस, अर्धसैनिक बलों और जेल प्रशासन को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने की चेतावनी भी दी है। दिल्ली में यह मार्च कनॉट प्लेस स्थित बंगला साहिब गुरुद्वारे से शुरू होकर पटेल चौक के पास स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय तक निकलेगा। आयोजकों का कहना है कि यदि पुलिस मार्च को रास्ते में रोकती है, तो प्रदर्शनकारी ‘जन संसद’ आयोजित करेंगे और राष्ट्रगान गाकर वहां से चले जाएंगे। यह मार्च ऐसे समय में आयोजित किया जा रहा है, जब दिल्ली के नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इन आदेशों के तहत लिखित अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने, जुलूस निकालने, धरना देने, नारे लगाने और भाषण देने जैसी गतिविधियों पर रोक है। ऐसे में प्रस्तावित मार्च और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव की आशंका बनी हुई है।

मार्च में दिपके के शामिल होने पर संदेह

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' समूह द्वारा आयोजित विरोध मार्च में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वे मार्च में शामिल होंगे या नहीं।

दिल्ली पुलिस ने कहा- इन सड़कों से शाम 5 बजे तक न जायें

दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के मुताबिक, किसान मार्च के कारण मध्य दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों को असुविधा और जाम से बचने के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने तथा वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इस दौरान गुरुद्वारा बंगला साहिब, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इन इलाकों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। इन इलाकों में जाने से बचने की सलाह
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान निम्नलिखित इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें- गुरुद्वारा बंगला साहिब और आसपास की सड़कें, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, जंतर-मंतर और आसपास का क्षेत्र।