दिल्ली पुलिस ने पूर्व आईएएस आशीष जोशी से दिन भर पूछताछ के बाद रात को छोड़ दिया। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखा था। ये पूछताछ इसी संबंध में थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी से बुधवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित तौर पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से संबंधित पोस्ट को लेकर की गई। पुलिस ने शाम को उन्हें छोड़ दिया और उनकी सुरक्षा को देखते हुए पुलिसकर्मी उन्हें घर तक छोड़कर आए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जोशी को चाणक्यपुरी इलाके से पूछताछ के लिए ले जाया गया था। यह कार्रवाई स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) यूनिट में दो दिन पहले दर्ज किए गए एक मामले के सिलसिले में हुई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 लगाई गई है। यह धारा ऐसी उकसावे वाली हरकत से संबंधित है, जिसके बारे में करने वाले को इरादा या जानकारी हो कि उससे दंगा भड़कने की संभावना है।
ECI से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल
पुलिस के एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जोशी ने हाल में निर्वाचन आयोग के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। पुलिस ने इन पोस्ट के आधार पर FIR दर्ज करने के बाद उनके दावों की पुष्टि के लिए उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस के अनुसार, स्पेशल सेल के कार्यालय में जोशी से उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में सवाल किए गए और उनके द्वारा पोस्ट किए गए संदेशों को उनके सामने रखा गया। पुलिस सूत्र के मुताबिक, दावों की जांच और पुष्टि करने के बाद उन्हें जाने दिया गया।सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान ले जाने की खबर सामने आई
आशीष जोशी को पुलिस द्वारा ले जाए जाने की जानकारी बुधवार सुबह सार्वजनिक हुई। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि जोशी को चाणक्यपुरी स्थित नेहरू पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान दो पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए।
दीक्षित ने कहा कि उन्हें इस बारे में जोशी की पत्नी से जानकारी मिली। उनके मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे से जोशी का पता लगाने की कोशिश की जा रही थी और उनका फोन भी बंद आ रहा था। उन्होंने दिल्ली पुलिस और पुलिस कमिश्नर से यह बताने की मांग की कि जोशी को कहां ले जाया गया है।दीक्षित ने बाद में एक वीडियो बयान में बताया कि जोशी ने सुबह उन्हें फोन किया था, लेकिन वह उस समय फोन नहीं उठा सके। जब उन्होंने वापस फोन किया तो जोशी का मोबाइल बंद था। दीक्षित के मुताबिक, जोशी के साथ मॉर्निंग वॉक कर रहे एक प्रत्यक्षदर्शी ने परिवार को बताया कि दो पुलिसकर्मी उनके पास आए थे और उन्होंने कहा था कि एक हालिया ट्वीट को लेकर पूछताछ के लिए आशीष जोशी को साथ ले जाना है।
सुबह 10.30 बजे स्पेशल सेल दफ्तर पहुंचाया गया
रिपोर्ट के मुताबिक, जोशी को करीब सुबह 10.30 बजे स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के दफ्तर लाया गया। वहां करीब नौ घंटे तक पूछताछ चली। शाम करीब 7 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित CI यूनिट के कार्यालय के बाहर जमा हो गए और जोशी को छोड़े जाने की मांग करने लगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लोगों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Additional Commissioner of Police) स्तर के एक अधिकारी ने जोशी को पुलिस वाहन से उनके घर छोड़ने का फैसला किया। पुलिस का कहना था कि उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाना जरूरी था।घर पहुंचने के बाद जोशी ने X पर दी जानकारी
घर पहुंचने के बाद आशीष जोशी ने X पर अपनी वापसी की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वह घर पहुंच गए हैं और दिल्ली स्पेशल सेल उन्हें घर छोड़कर गई है। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी बाद में देने की बात कही। जब द इंडियन एक्सप्रेस ने फोन पर जोशी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा कि वह बाद में फोन करेंगे।कौन हैं आशीष जोशी?
आशीष जोशी दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) में Controller of Communications के पद पर रह चुके हैं। वह सेवानिवृत्त अतिरिक्त सचिव भी हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर वह सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करते रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम में फिलहाल पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य उनके सोशल मीडिया पर किए गए दावों की जांच और सत्यापन करना था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर पूछताछ हुई, वह कथित तौर पर चुनाव आयोग से संबंधित थी और उन पर BNS की धारा 192 के तहत मामला दर्ज किया गया है।