महाराष्ट्र की अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (ANIS) ने दो परीक्षणों के जरिए बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के 'चमत्कारी' दावों को चुनौती दी है। पुणे मिरर की खबर के मुताबिक ANIS के संस्थापक प्रो. श्याम मानव ने नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को दो विशेष परीक्षणों से गुजरना होगा। अगर वे इन परीक्षणों में सफल होते हैं तो उन्हें ₹80 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी, लेकिन असफल होने पर इवेंट फीस के मद में जमा राशि ₹8 लाख जब्त कर लिए जाएंगे। सोशल मीडिया पर इस घोषणा की काफी चर्चा है। 

परीक्षण की शर्तें

अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने यह चुनौती तीन शर्तों के साथ रखी हैः
1. धीरेंद्र शास्त्री को बंद लिफाफों में रखे 10 अलग-अलग व्यक्तियों के नाम, उनके माता-पिता के नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सही-सही पहचानना होगा।
2. धीरेंद्र शास्त्री को परीक्षण वाली जगह पर बगल के में कमरे में रखी 10 अलग-अलग वस्तुओं की पहचान बिना देखे करनी होगी।
3. पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग नागपुर में होगी और दोनों पक्षों की पाँच-पाँच सदस्यीय समिति इसकी निगरानी करेगी।
प्रो. श्याम मानव ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में महाराष्ट्र में अंधविश्वास बढ़ा है। साथ ही उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई हाल ही में अपने परिवार सहित धीरेंद्र शास्त्री से मिले, जिसे उन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिहाज़ से बेहद चिंताजनक बताया। हालांकि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक धीरेंद्र शास्त्री ने इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया है।
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हालांकि शास्त्री ने कहना है कि "मेरे पास कोई अलौकिक शक्ति नहीं है, सभी शक्तियाँ बजरंगबली की हैं। मुझे केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मैं धर्मांतरण का विरोध करता हूँ।" इसके जवाब में एएनआईएस के प्रो श्याम मानव का कहना है कि "अगर वे वाकई दिव्य शक्तियाँ रखते हैं, तो हमारे परीक्षण में क्या डर? हम सार्वजनिक रूप से सिद्ध करने को तैयार हैं।"

धीरेंद्र शास्त्री का विवादों से नाता

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म 4 जुलाई 1996 को हुआ था। वो मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गाँव स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं। वे अपने 'दिव्य दरबार' में भूत भगाने, बिना परीक्षण के बीमारियाँ पहचानने और 'चमत्कार' करने का दावा करते हैं। बिना परीक्षण बीमारियां पहचानने और कथित चमत्कार को लेकर ही उन्हें ANIS ने अब चुनौती दी है। बागेश्वर धाम प्रमुख हमेशा विवादों में घिरे रहे हैं। कभी वो महिलाओं के बारे में गलत बोलने के लिए चर्चा में रहते हैं तो कभी किसी वीआईपी से मिलने पर चर्चा में आ जाते हैं।

25 अप्रैल 2026ः नागपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने शनिवार को कहा कि हिन्दुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करना चाहिए। जिसमें वो एक बच्चा आरएसएस को सौंप दें। उनके इस बयान पर खासा विवाद हो रहा है।

अंधविश्वास फैलाने का आरोप, पहली बड़ी चुनौती

जनवरी 2023 में ANIS ने नागपुर पुलिस में महाराष्ट्र के काला जादू-विरोधी कानून (2013) के तहत धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि 'दिव्य दरबार' और 'प्रेत दरबार' की आड़ में आम लोगों को ठगा जा रहा है। प्रो. मानव ने तब ₹30 लाख की चुनौती दी थी। 25 जनवरी 2023 को नागपुर पुलिस ने जाँच के बाद शास्त्री को क्लीन चिट दे दी।

2023 में हिंदू राष्ट्र की माँग, बिहार में राजनीतिक तूफानः पटना में आयोजित दरबार में शास्त्री ने "हमारा साथ दो, हम हिंदू राष्ट्र देंगे" का नारा दिया। इस पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई नेताओं ने कड़ा एतराज जताया। पटना में उनके पोस्टरों पर कालिख पोती गई और "चोर" तथा "420" जैसे शब्द लिखे गए।

छोटे भाई ने हथियार लहराए, महिलाओं पर हमला

फरवरी 2023 में शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग को गढ़ा गाँव में एक दलित परिवार की शादी में हथियार लहराने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों ने बागेश्वर धाम के एक देखभालकर्ता के घर में घुसकर महिलाओं पर डंडे और छड़ों से हमला किया, जिसमें एक नाबालिग लड़की का हाथ टूट गया। बुजुर्ग सदस्यों पर भी हमला किया गया।

कैंसर के इलाज में गोमूत्र की सलाहः 2022 में एक वीडियो सामने आया जिसमें तब 25 वर्षीय शास्त्री एक युवक को उसकी कैंसर पीड़ित माँ, जो चौथे चरण में थीं, को गोमूत्र पिलाने की सलाह देते दिखे। इस वीडियो पर व्यापक आलोचना हुई। इन्हीं सब विवादों के बीच, फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बागेश्वर धाम में ₹200 करोड़ के कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी।

महाकुंभ में गैर-हिंदुओं को बाहर करने की माँग

2024 में छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक कार्यक्रम में शास्त्री ने महाकुंभ में गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर आपत्ति जताते हुए "मेरे आँगन में तुम्हारा क्या काम है" जैसे विवादास्पद शब्द कहे। इस बयान पर धर्मनिरपेक्षता की आलोचना करने वालों ने कड़ा विरोध किया।

छत्रपति शिवाजी महाराज पर विवादित बयान

अप्रैल 2025 में नागपुर के जामठा में भारत दुर्गा मंदिर की आधारशिला समारोह में शास्त्री ने दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने कई युद्धों के बाद थककर अपना राज्य संत समर्थ रामदास को सौंपने की पेशकश की थी। इतिहासकारों और महाराष्ट्र के नागरिकों ने इस बयान को ऐतिहासिक तथ्यों से परे और आहत करने वाला बताया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने हिन्दुओं से चार बच्चे पैदा करने की अपील की थी और एक बच्चा आरएसएस को सौंपने को कहा था। इस बयान ने जनसंख्या नियंत्रण की बहस के बीच राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

YouTuber की हत्या का समर्थन?

2025 में एक पॉडकास्ट में YouTuber रणवीर इलाबादिया के एक विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शास्त्री ने कहा, "सनातन और हिंदू धर्म को नुकसान पहुँचाने वाले को माफ नहीं किया जाना चाहिए, उन्हें मिटा देना चाहिए।" इस बयान को हिंसा के समर्थन के रूप में देखा गया।

शास्त्री को संघ और बीजेपी का संरक्षण

धीरेंद्र शास्त्री के सबसे ज्यादा कार्यक्रम बीजेपी शासित राज्यों या उसकी समर्थक सरकारों के क्षेत्रों में होते हैं। शास्त्री के दरबार में BJP के कई वरिष्ठ नेता जैसे कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, और पूर्व CM रमन सिंह शामिल हो चुके हैं। यहाँ तक कि कांग्रेस नेता कमल नाथ भी 2023 के चुनाव से पहले आशीर्वाद लेने पहुँचे थे। कई बार वो राजनीतिक दलों के टिकट तक तय करते नज़र आते हैं। पिछले दिनों उन्होंने दिल्ली से मथुरा तक हिन्दू राष्ट्र के समर्थन में पदयात्रा भी की थी। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते उन पर कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाती।