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चुनाव: दूसरे चरण से पहले चुनाव प्रचार नियमों में ढील

हर रोज़ कोरोना मामलों में गिरावट के साथ ही चुनाव आयोग ने शनिवार को चुनाव प्रचार वाले नियमों में ढील दी है। उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के लिए जबकि उत्तराखंड और गोवा में एक चरण में ही सभी सीटों के लिए सोमवार को चुनाव होने हैं। इसके बाद यूपी में पाँच चरणों के चुनाव और पंजाब व मणिपुर में भी मतदान होने बाक़ी हैं। 

चुनाव अभियान की समय-सीमा में ढील दी गई है, तय संख्या में लोगों की भीड़ के साथ रैलियों को भी मंजूरी दी गई है। चुनाव आयोग ने शनिवार शाम को इसकी घोषणा की। उसने ऐसा फ़ैसला इसलिए लिया है क्योंकि उसने देश भर के साथ-साथ मतदान वाले राज्यों में कोविड मामलों में काफी कमी देखी है। इसी वजह से कोविड प्रतिबंध हटाए गए हैं।

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आयोग ने एक बयान में राजनीतिक दलों के लिए ढील देने की घोषणा करते हुए कहा, 'केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना की जमीनी स्थिति में काफी सुधार हुआ है और देश में मामले तेजी से घट रहे हैं।'

चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव अभियान अब सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बजाय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच चलाया जा सकता है।

जिला अधिकारियों द्वारा अनुमति दी गई सीमित संख्या में लोगों के साथ पदयात्रा को भी अनुमति दी गई है।
चुनाव आयोग ने प्रतिबंधों को हटाते हुए चुनावों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

कोरोना मामलों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा करते हुए फिजिकल रैलियों, रोड शो और पदयात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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आयोग ने 31 जनवरी को कुछ राहतों के साथ विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध 11 फरवरी तक बढ़ाने का फ़ैसला किया था। हालाँकि उसने तब कहा था कि राजनीतिक दल खुले स्थान पर 1000 लोगों के साथ रैलियाँ कर सकेंगे और घर-घर प्रचार में 20 लोग शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले के आदेश में आयोग ने जनसभाओं के लिए अधिकतम 500 व्यक्ति और डोर-टू-डोर अभियान के लिए, सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर, 10 व्यक्ति की अनुमति दी थी। 

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