कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और जेफरी एपस्टीन के बीच 2014 के बाद हुई कथित 14 मुलाकातों और 62 ईमेल का खुलासा किया। उन्होंने पुरी के इस्तीफे की मांग की। खेड़ा ने बिल गेट्स का स्वागत करने के लिए सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस का आरोप केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी 14 बार एपस्टीन से मिले
एपस्टीन फाइल्स के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मंगलवार 17 फरवरी को बताया कि एपस्टीन फाइल्स में सामने आए ईमेल्स पर एपस्टीन ने रीड हॉफमैन से कहा था कि 'रीड भारत में हरदीप आपका आदमी है'। खेड़ा ने कहा कि हरदीप पुरी ने एपस्टीन का विश्वास जीत लिया। हरदीप पुरी ने एपस्टीन का दिल जीत लिया । खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर जेफरी एपस्टीन से कथित संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने एपस्टीन फाइल्स का हवाला देते हुए पुरी की मुलाकातों और ईमेल्स की विस्तृत जानकारी साझा की, साथ ही मोदी सरकार पर बिल गेट्स को लेकर भी निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने पुरी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि वे देश को गुमराह कर रहे हैं।
एपस्टीन से कब-कब मिले हरदीप पुरी
खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एपस्टीन फाइल्स से निकली जानकारी का हवाला दिया और कहा कि 2014 में पुरी और एपस्टीन के बीच कुल 14 मुलाकातें हुईं। इनमें से 9 मुलाकातें सिर्फ 5 जून 2014 से 10 अक्टूबर 2014 के बीच हुईं। खेड़ा ने कहा कि यह मोदी के प्रधानमंत्री बनने (मई 2014) के तुरंत बाद का समय है। खेड़ा ने पूछा कि पुरी 2014-2016 के दौरान न तो राजनयिक सेवा में थे और न ही मंत्री, फिर एपस्टीन से इतनी मुलाकातें क्यों?
एपस्टीन-पुरी में ईमेल आदान-प्रदान
2014 से 2017 के बीच पुरी और एपस्टीन के बीच कुल 62 ईमेल आदान-प्रदान हुए। इनमें से 30 ईमेल एपस्टीन ने पुरी को भेजे, जबकि 32 ईमेल पुरी ने एपस्टीन को भेजे। खेड़ा ने कहा, "पुरी जितने ज्यादा झूठ बोलते हैं, उतने ही ज्यादा झूठ के दलदल में फंसते जा रहे हैं।"
खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुरी ने नवंबर 2014 में एपस्टीन से डिजिटल इंडिया प्रोग्राम पर चर्चा की, जबकि इसका आधिकारिक लॉन्च जुलाई 2015 में हुआ। उस समय पुरी सरकारी पद पर नहीं थे, तो किस हैसियत से वे सरकारी प्रोजेक्ट की जानकारी साझा कर रहे थे?
एपस्टीन की ईमेल में पुरी का जिक्र: एपस्टीन ने रीड हॉफमैन (लिंक्डइन के सह-संस्थापक) को ईमेल में लिखा, "रीड, हरदीप भारत में आपका आदमी है।"
हाल ही में हरदीप पुरी ने कहा कि वे एपस्टीन से 8 सालों में सिर्फ 3-4 बार मिले, लेकिन रिकॉर्ड्स इससे कहीं ज्यादा दिखा रहे हैं। खेड़ा ने कहा, "हीरे की चोरी और खीरे की चोरी दोनों चोरी ही हैं। यहां कुछ सड़ा हुआ है।" एपस्टीन फाइल्स में सितंबर 2017 (जब पुरी मंत्री बने) के बाद संपर्क का रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन उसके पहले के रिकॉर्ड होने का खेड़ा ने दावा किया।
खेड़ा ने कुछ मीडिया घरानों पर एपस्टीन का बचाव करने का आरोप लगाया, इसे पत्रकारिता के गिरते स्तर का उदाहरण बताया। बता दें कि हाल ही में एक प्रमुख चैनल पर पत्रकार पद्मजा जोशी ने एपस्टीन के समर्थन में तमाम बातें कही थीं। उनका वीडियो भी वायरल हुआ था।
खेड़ा ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है, जो एक भारतीय नागरिक की गरिमा से जुड़ा है। उन्होंने पुरी की स्थिति को असहनीय बताया।
बिल गेट्स का स्वागत क्योंः खेड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने बिल गेट्स पर भी निशाना साधा। कहा कि गेट्स का नाम एपस्टीन फाइल्स में कई बार आया है। 2017 में गेट्स और एपस्टीन ने महामारी सिमुलेशन पर चर्चा की, जो 2020 की कोविड महामारी से 3 साल पहले की बात है। खेड़ा ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बावजूद मोदी सरकार गेट्स का भारत में स्वागत कर रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा, "वेलकम बैक 'मिस्टर' गेट्स!" खेड़ा ने एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी के नाम का जिक्र होने को राष्ट्रीय शर्म बताया। एक ईमेल में एपस्टीन ने दावा किया था कि मोदी ने उनकी सलाह ली और इसराइल में अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए "नाचे और गाए"। खेड़ा ने तीन सवाल पूछे: सलाह क्या थी? यह किस तरह "काम" आई? और अमेरिकी हितों से क्या संबंध?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो क्लिप्स दिखाए गए, जिसमें पुरी और एपस्टीन के ईमेल्स के स्क्रीनशॉट्स शामिल थे। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार पारदर्शिता दिखाए और जांच कराए। भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया, जबकि MEA ने मोदी के नाम का जिक्र होने को बकवास आरोप कहा।