पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब के सर्कुलेशन पर एफ़आईआर दर्ज होने से और सियासी तूफान उठेगा? राहुल गांधी के ज़िक्र को लेकर सरकार घिरती क्यों नज़र आ रही है?
राहुल गांधी ने किताब की कॉपी दिखाई। (फाइल फोटो)
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की जिस किताब के राहुल गांधी के ज़िक्र से संसद में हंगामा हुआ है और मोदी सरकार फँसी नज़र आ रही है, उसकी सॉफ्ट कॉपी के ऑनलाइन सर्कुलेट होने पर एफ़आईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस अब इस मामले की जाँच-पड़ताल में अपनी ऊर्जा खपाएगी कि आख़िर यह किताब पीडीएफ़ फॉर्मेट में कैसे ऑनलाइन लोगों तक पहुँच रही है। नरवणे की यह वही किताब है जिसको लेकर राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि 2020 में गलवान घाटी में चीनी आक्रामकता पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया की पोल खुल रही है और इसी डर से वह संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देने नहीं आए।
दरअसल, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अभी तक प्रकाशित नहीं हुई किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' अब बड़ा विवाद बन गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और कुछ वेबसाइटों पर किताब की प्री-प्रिंट पीडीएफ़ कॉपी मिल रही है। किताब का कवर भी ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर दिखाया जा रहा है, जैसे कि यह खरीदने के लिए उपलब्ध है। लेकिन किताब को प्रकाशित करने की जरूरी मंजूरी रक्षा मंत्रालय से अभी नहीं मिली है। इसलिए यह लीक या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
पुलिस का कहना है, 'हमने सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म पर जानकारी मिलने पर जांच शुरू की। किताब पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा तैयार की गई लगती है, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने से यह अभी अनपब्लिश्ड है। स्पेशल सेल में एफ़आईआर दर्ज की गई है और जांच चल रही है।
किताब में पीएम मोदी के बारे में क्या?
यह एफ़आईआर तब दर्ज हुई जब पिछले कुछ दिनों से लोकसभा में हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी 2 फरवरी से किताब के कुछ हिस्सों का हवाला देकर बोलना चाहते थे। वे कहते हैं कि किताब में जनरल नरवणे ने लिखा है कि 2020 में गलवान घाटी में चीन के साथ टकराव के दौरान जब उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल और अन्य नेताओं को 'चीनी टैंक आ रहे हैं' की जानकारी दी, तो लंबे समय तक कोई सीधा जवाब नहीं मिला। बाद में पीएम मोदी का संदेश आया - 'जो उचित समझो, वो करो'। राहुल गांधी का आरोप है कि इससे पीएम ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और सेना प्रमुख को अकेला छोड़ दिया।राहुल गांधी का दावा है कि 'द कारवां' मैगजीन में किताब के कुछ अंश छपे थे, जिनसे वे सिर्फ उद्धरण देना चाहते थे। लेकिन स्पीकर ने रोक दिया। इसके बाद से राहुल आरोप लगा रहे हैं कि विपक्ष के नेता को बोलने तक नहीं दिया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा, 'मुझे यक़ीन है कि यह किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई।' उन्होंने राहुल गांधी से कहा, 'जो किताब का दावा कर रहे हैं, उसे सदन में पेश करें, हम देखना चाहते हैं।' स्पीकर ओम बिड़ला और बीजेपी सांसदों ने कहा कि अप्रकाशित किताब का हवाला देना सदन के नियमों के खिलाफ है और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है।
राहुल ने संसद में किताब ही दिखा दी
सरकार द्वारा ऐसी किसी किताब के छपे होने के दावे को खारिज किए जाने के बाद राहुल गांधी ने पिछले 4 फरवरी को संसद परिसर में किताब की प्रिंटेड कॉपी दिखाई और कैमरों के सामने कहा, 'देखिए, किताब है, सरकार कह रही है कि किताब नहीं है।' उन्होंने एक्स पर वीडियो डालकर कहा, 'मुझे लगता है पीएम आज लोकसभा में नहीं आएँगे, क्योंकि अगर आए तो मैं उन्हें यह किताब दूंगा।' किताब में क्या लिखा है?
'फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी' जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा है। जनरल नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे। किताब में उनकी 40 साल की सेवा, सिक्किम में चीन से पहला आमना-सामना, गलवान संघर्ष, पाकिस्तान के साथ सीजफायर आदि का जिक्र है। किताब 448 पेज की है और अप्रैल 2024 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिली। अमेजन और फ्लिपकार्ट पर 'अभी उपलब्ध नहीं' लिखा था।
अक्टूबर 2025 में कसौली लिटरेचर फेस्टिवल में जनरल नरवणे ने कहा था, 'मैंने किताब लिखी और पब्लिशर को दी। मंजूरी रक्षा मंत्रालय से लेनी है। यह एक साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है। अब यह पब्लिशर और रक्षा मंत्रालय के हाथ में है।'बहरहाल, राहुल गांधी का दावा है कि 'द कारवां' मैगजीन में किताब के कुछ अंश छपे थे, जिनसे वे सिर्फ उद्धरण देना चाहते थे। लेकिन स्पीकर ने रोक दिया। अब पीडीएफ़ लीक होने से विवाद और बढ़ गया है। पुलिस जाँच कर रही है कि किताब कैसे लीक हुई, कौन फैला रहा है। यह मामला संसद में हंगामे, सांसदों के निलंबन और स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव की बातों के बीच आया है। अब देखना है कि जाँच में क्या निकलता है और किताब कब प्रकाशित होगी। जनरल नरवणे ने अभी तक इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं की है।