भारत यूएस ट्रेड डील पर मोदी सरकार के मंत्रियों में अभी भी स्पष्टता नहीं आ पाई है। केंद्रीय उद्योगमंत्री पीयूष गोयल से शनिवार को जब रूस से तेल खरीदने पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय बताएगा। फिर वो ज़ीरो ड्यूटी के बारे में बताने लगे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को नई दिल्ली में भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को लेकर प्रेस वार्ता की। लेकिन तमाम चीजों पर विरोधाभास साफ दिखाई दिया। पता नहीं ये वास्तविकता है या फिर कुछ और, गोयल ने शनिवार को केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को अप्रत्यक्ष जवाब दिया। तीन दिनों पहले जयशंकर से जब पूछा गया कि ट्रेड डील पर ताज़ा जानकारी क्या है तो उन्होंने कहा कि पीयूष गोयल से पूछिए। वो ही इसको देख रहे हैं। पीयूष गोयल से जब शनिवार को रूस से तेल खरीद पर स्थिति साफ करने को कहा गया तो गोयल ने कहा कि विदेश मंत्रालय से पूछिए।
पीयूष गोयल ने कहा कि इस विषय (रूसी तेल) पर विदेश मंत्रालय जानकारी देगा। उन्होंने कहा कि रूसी तेल की खरीद से संबंधित निर्णयों पर टिप्पणी करने का अधिकार विदेश मंत्रालय के पास है।
पीयूष गोयल ने इससे पहले कहा था कि 3-4 दिनों में भारत-यूएस ट्रेड डील हो जाएगा। लेकिन यूएस के वाणिज्य विभाग ने शुक्रवार रात को ही इसकी घोषणा कर दी। भारत में तब तक किसी मंत्रालय के पास ट्रेड डील के फ्रेमवर्क की जानकारी नहीं थी। इसके बाद पीयूष गोयल और पीएम मोदी और अन्य मंत्रियों ने इस पर ट्वीट करना शुरू किया।
गोयल ने कहा कि इस समझौते के तहत अमेरिका को निर्यात होने वाले कई भारतीय उत्पादों पर शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) लागू होगा। जिन क्षेत्रों को अमेरिका में निर्यात पर शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा, उनमें शामिल हैंः
- रत्न और आभूषण
- हीरे
- दवाइयां
- जेनेरिक और फार्मा उत्पाद
- स्मार्टफोन
कई कृषि उत्पादों पर पहले 50 प्रतिशत तक लगने वाला शुल्क अब शून्य हो जाएगा। इनमें शामिल हैंः
- मसाले
- चाय
- कॉफी
- खोपरा
- नारियल
- नारियल तेल
- वनस्पति तेल
- सुपारी
- ब्राजील नट्स
- काजू
- चेस्टनट
- एवाकाडो
- केला
- अमरूद
- आम
- कीवी
- पपीता
- मशरूम
- सब्जियों की पौध जड़ें
- जौ
- प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ
भारतीय किसानों का पूरा ध्यान
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में किसी भी ऐसे उत्पाद को शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। भारत में किसी भी प्रकार के जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) उत्पादों के आयात की अनुमति नहीं दी गई है। इसके अलावा मांस, पोल्ट्री, डेयरी उत्पाद, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, कुछ फल जैसे स्ट्रॉबेरी, चेरी, सिट्रस फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू को किसी तरह की शुल्क छूट नहीं दी गई है।
गोयल ने बताया कि विमान के पुर्जे, मशीनरी के हिस्से, कुछ ऑटो पार्ट्स, प्लैटिनम, घड़ियां, एसेंशियल ऑयल, झूमर और लैंप जैसे होम डेकोर उत्पाद, कुछ अकार्बनिक रसायन, कागज, प्लास्टिक और लकड़ी से जुड़े कुछ उत्पादों पर भी शून्य शुल्क लागू होगा।
गोयल ने बताया कि विमान के पुर्जे, मशीनरी के हिस्से, कुछ ऑटो पार्ट्स, प्लैटिनम, घड़ियां, एसेंशियल ऑयल, झूमर और लैंप जैसे होम डेकोर उत्पाद, कुछ अकार्बनिक रसायन, कागज, प्लास्टिक और लकड़ी से जुड़े कुछ उत्पादों पर भी शून्य शुल्क लागू होगा।
वाणिज्य मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ यह व्यापार समझौता किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि इस समझौते से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीयूष गोयल के अनुसार, श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे वस्त्र और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, खिलौने तथा रत्न एवं आभूषण के निर्यात में तेजी आएगी। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा और देश में उत्पादन क्षमता मजबूत होगी।