चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन यानी IAFS-IV 28 से 31 मई तक नई दिल्ली में होने वाला था। इसका मक़सद भारत और अफ्रीका के बीच साझेदारी को मज़बूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार करना था। यह सम्मेलन 10 साल बाद हो रहा था।
भारत अफ्रीका यूनियन समिट स्थगित
अफ्रीका में फैल रहे खतरनाक इबोला वायरस के प्रकोप के कारण भारत और अफ्रीकी देशों का अहम शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि भारत और अफ्रीकन यूनियन ने दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद फ़ैसला लिया कि चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन यानी IAFS-IV कुछ समय बाद आयोजित किया जाए। इसकी नयी तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी।
यह सम्मेलन 28 से 31 मई 2026 तक नई दिल्ली में होने वाला था। इसमें अफ्रीका के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, अफ्रीकन यूनियन के प्रतिनिधि शामिल होने वाले थे। इसका मक़सद भारत और अफ्रीका के बीच साझेदारी को मज़बूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार करना था। यह सम्मेलन 10 साल बाद हो रहा था। इससे पहले यह सम्मेलन 2008, 2011 और 2015 में हो चुके हैं।
इबोला वायरस का ख़तरा
अफ्रीका के कुछ हिस्सों खासकर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के साउथ किवू प्रांत में इबोला के नए मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय घोषित कर दिया है। इस वायरस के बुंडिबुग्यो वैरिएंट की वजह से यह संकट पैदा हुआ है। यह वैरिएंट पहले से कम आम है, लेकिन फिर भी बहुत ख़तरनाक है।
भारत सरकार की सतर्कता
भारत में अभी तक इबोला का कोई केस नहीं आया है, लेकिन सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाई रिस्क देशों- डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान से आने वाले यात्रियों के लिए सलाह जारी की है। इबोला वायरस के लक्षण
इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैल सकती है। भारत सरकार यात्रियों और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील कर रही है। इसके लक्षण हैं-
- बुखार
- कमजोरी और थकान
- सिरदर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- उल्टी-दस्त
- बिना वजह खून आना
- गले में खराश
ऐसे लक्षण होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर या हेल्थ डेस्क पर तुरंत सूचना देनी होगी। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट कर दिया है। एयरपोर्ट, बंदरगाह और सभी प्रवेश द्वारों पर स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन और टेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है।
भारत का अफ्रीका को समर्थन
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अफ्रीका के लोगों और सरकारों के साथ पूरी एकजुटता दिखाता है। भारत अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के प्रयासों में मदद करने को तैयार है। दोनों पक्षों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने पर सहमति जताई है।
अब सम्मेलन का क्या होगा?
सम्मेलन की नई तारीखें दोनों पक्षों के बीच चर्चा के बाद तय की जाएंगी और समय पर बताई जाएंगी। यह फैसला अफ्रीकी नेताओं की पूरी भागीदारी सुनिश्चित करने और जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के मद्देनजर लिया गया है।