इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद ममता बनर्जी, अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सर्वसम्मति से 5 बड़े सर्वसम्मत फैसले लिए गए हैं।
काफी लंबे अरसे बाद इंडिया गठबंधन की दिल्ली में हुई अहम बैठक में पाँच बड़े सर्वसम्मत फ़ैसले लिए गए। नीट और सीबीएसई मामले में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने, SIR और मतदाता सूची में हेरफेर, 'वोट चोरी' को लेकर सीजेआई को खत भेजने जैसे फ़ैसले लिए गए। जिन पाँच बड़े मुद्दों पर सहमति बनी है उसमें से एक यह भी है कि इंडिया गठबंधन की बैठक हर दो महीने में होगी। यह बेहद अहम है क्योंकि विपक्षी नेताओं के बीच लगातार संपर्क नहीं होने, मुद्दों पर सहमति नहीं बनने और बैठक नहीं होने से गठबंधन पर ही सवाल उठते रहे हैं।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि 25 पार्टियों ने बैठक में हिस्सा लिया और 5 मुख्य मुद्दों पर पूरी सहमति बनी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'सभी दलों ने अपने विचार रखे और हम 5 मुद्दों पर सहमत हुए हैं। हम इन मुद्दों पर डटकर लड़ाई लड़ेंगे और काम करेंगे।'
मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फ़ैसला
इंडिया गठबंधन ने तय किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR, मतदाता सूची में हेरफेर और 'वोट चोरी' तथा चुनावों की निष्पक्षता को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा जाएगा। यह पत्र जल्द ही सौंप दिया जाएगा।
'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें'
इंडिया गठबंधन ने NEET और CBSE परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा मांगा है। खड़गे ने कहा कि इन परीक्षाओं से लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। युवा सड़कों पर उतर आए हैं। इसलिए शिक्षा मंत्री को जवाबदेही तय करनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।
आर्थिक मुद्दों और जनसमस्याओं पर जोर
बैठक में महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और महिलाओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों को लगातार उठाने का फ़ैसला हुआ। गठबंधन ने केंद्र सरकार से मांग की कि इन जनसरोकार वाले मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
हर 2 महीने में इंडिया की बैठक
अब इंडिया गठबंधन की बैठक हर दो महीने में नियमित रूप से होगी। इसके लिए अब अगली बैठक की तारीख भी तय कर दी गई है। अगस्त महीने में 8 तारीख को अगली बैठक हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
मानसून सत्र में रोजाना समन्वय
संसद के मानसून सत्र के दौरान सभी दलों के बीच बेहतर समन्वय रखने का फ़ैसला हुआ। हर सुबह नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में बैठक होगी ताकि संसद में विपक्ष एकजुट रहे।समन्वय समिति पर फ़ैसला क्या?
हालाँकि, मानसून सत्र में समन्वय करने पर तो सहमति बनी है, लेकिन इंडिया गठबंधन में समन्वय कैसे होगा, इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है। यह लगातार बड़ा मुद्दा रहा है, क्योंकि गठबंधन में समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालाँकि, शुरुआत में 31 अगस्त-1 सितंबर 2023 को मुंबई बैठक में 28 विपक्षी दलों ने 13-14 सदस्यीय समन्वय समिति का ऐलान किया था जिसमें सदस्य बनाए गए थे। लेकिन कोई स्थायी संयोजक नहीं बनाया गया। बाद में वह समन्वय समिति भी बेहद कम ही सक्रिय रही। कहा जाता है कि स्थायी संयोजक बनाए जाने के मुद्दे पर ही नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन से अलग होकर एनडीए के पाले में चले गए थे और इस पर सहमति नहीं बन पाई थी।
सीपीएम ने जताई चिंता
बैठक के दौरान सीपीएम की ओर से कुछ चिंताएं भी रखी गईं। सीपीएम महासचिव एम.ए. बेबी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इंडिया गठबंधन के कामकाज के तरीके पर अपनी चिंता बताई है। बेबी ने कहा कि गठबंधन के सभी साथी दलों को और ज्यादा जिम्मेदारी और एकजुटता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा सीपीएम पर लगाए गए आरोपों की भी आलोचना की।
एकजुटता पर सवाल क्यों उठने लगे थे?
इंडिया यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बेहद कम सक्रिय रही। कुछ मुद्दों पर इसके कुछ नेता साथ ज़रूर आते रहे हैं। 'इंडिया' के नेताओं की पिछली बैठक 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई थी। इस बैठक में विपक्षी दलों ने संसद के विशेष सत्र, डिलिमिटेशन और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की थी। हालाँकि, यह इंडिया गठबंधन की औपचारिक बैठक नहीं थी और किसी खास मुद्दे पर साझा रणनीति के तहत ये नेता मिले थे। गठबंधन की औपचारिक बैठकें बहुत कम ही हुई हैं और इस वजह से गठबंधन की एकता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
इंडिया गठबंधन का गठन 17-18 जुलाई 2023 को हुआ था। पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी, जिसमें 16 विपक्षी दलों ने भाग लिया था। दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। इसी बैठक में गठबंधन का नाम INDIA यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस तय किया गया था। इस बैठक में 26 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया और आधिकारिक रूप से गठबंधन की घोषणा की गई। इंडिया गठबंधन का मुख्य उद्देश्य 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना था। गठबंधन की औपचारिक शुरुआत 18 जुलाई 2023 मानी जाती है, जब नाम की घोषणा हुई।
बंगाल नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन में हलचल
बंगाल चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का संकल्प व्यक्त किया था। फेसबुक लाइव में ममता बनर्जी ने कहा था, 'हम लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अंत तक नहीं हार मानेंगे।'
ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद कहा था कि INDIA गठबंधन जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा था कि लोग अभी भी उनके साथ हैं और टीएमसी वापसी करेगी। बीजेपी ने INDIA ब्लॉक की एकता को लेकर कहा था कि पहले भी ऐसे गठबंधन असफल हो चुके हैं।बैठक में 25 दलों के नेता शामिल
बहरहाल, इंडिया गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, डीएमके, एनसीपी (शरद पवार गुट) समेत 25 दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक को विपक्षी एकता को मज़बूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जोर देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन जनता के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक एकजुट लड़ाई लड़ेगा। बैठक की अगली तारीख़ भी तय कर ली गई है। लेकिन अब सवाल है कि इन फैसलों पर विपक्ष कितना मजबूती से आगे बढ़ पाता है और केंद्र सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।