अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर आमने-सामने (Face-offs) के हालात बने हुए हैं। ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर का यह बयान चीन से लगती सीमाओं पर तनाव के गंभीर संकेत दे रहा है। सवाल है कि यह खबर अब तक दबी क्यों रही।
India-China border dispute: अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ सीमा पर तनाव को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक ने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने होने की घटनाएं अब भी जारी हैं। यह पूर्वोत्तर सीमा पर जारी टकराव को लेकर एक महत्वपूर्ण आधिकारिक पुष्टि मानी जा रही है।
ITBP प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होती रही है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
यह खबर अब तक दबी क्यों रही
आईटीबीपी प्रमुख के बयान के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो गई। लेकिन भारतीय मीडिया को इस बात की जानकारी तो पहले से ही थी। आखिर उसने इस खबर को दबाया क्यों। तमाम मुद्दों पर शोर मचाने वाला मीडिया इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप्पी साधे रहा। इसका जवाब वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह ने अपने ट्वीट के ज़रिये एक्स पर दिया है। उमाशंकर ने लिखा है- क्या चीनी सेना के साथ चल रही झड़पों की जानकारी को इसलिए दबाया गया क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने वाले थे? क्या यही कारण है, या कोई और वजह है? क्योंकि वे आए और चले गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी तो खुलकर आमने-सामने की बहस तक नहीं कर सके!
कई स्थानों पर आमने-सामने भारतीय और चीनी सैनिक
ITBP महानिदेशक के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना जारी है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीमा पर तनाव और गश्ती दलों के आमने-सामने आने की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन ITBP प्रमुख का ताजा बयान इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि के रूप में सामने आया है।
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के कई हिस्सों में सीमा का स्पष्ट निर्धारण नहीं होने के कारण गश्ती दलों के आमने-सामने आने की स्थिति पैदा होती रही है। ऐसी परिस्थितियों में दोनों पक्षों के बीच स्थापित सैन्य प्रक्रियाओं और बातचीत के माध्यम से तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है।
6 सितंबर को हुई थी भारत-चीन के बीच सैन्य वार्ता
अरुणाचल प्रदेश के तवांग से अलग, ऊपरी सुबनसिरी जिले के सीमावर्ती क्षेत्र तकसिंग में तनाव की खबरों के बाद भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी। 6 सितंबर 2026 को भारतीय क्षेत्र में स्थित वाचा-दमाई सीमा बैठक स्थल पर कोर कमांडर स्तर की वार्ता आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी समस्याओं का समाधान निकालना था।
इससे पहले भी दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बाद ITBP महानिदेशक के बयान से संकेत मिलता है कि बातचीत के बावजूद सीमा पर तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, किसी भी संभावित तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में भारतीय सैनिकों की बड़ी संख्या में तैनाती जारी है।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मांगा जवाब
अरुणाचल प्रदेश सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर कांग्रेस पहले भी केंद्र सरकार से जवाब मांग चुकी है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन खबरों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी, जिनमें दावा किया गया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारतीय सैनिकों की गश्त को रोकने की कोशिश की है।कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि गलवान के बाद अब अरुणाचल प्रदेश से सामने आ रही खबरें चिंताजनक हैं और केंद्र सरकार को इन पर तत्काल जवाब देना चाहिए। पार्टी का कहना था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और सीमा पर किसी भी तरह की चुनौती को लेकर सरकार को देश को भरोसे में लेना चाहिए।
भारत-चीन संबंधों पर क्या असर पड़ सकता है?
विदेश मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि भारत और चीन के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मंत्रालय के मुताबिक, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति की स्थिति दोनों देशों के संबंधों की दिशा को प्रभावित करेगी। 6 अगस्त को हुई भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय की कार्य प्रणाली (WMCC) की 36वीं बैठक में भी सीमा की स्थिति की समीक्षा की गई थी। दोनों पक्षों ने विवादित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए कूटनीतिक तथा सैन्य माध्यमों से बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी।अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ कई स्थानों पर आमने-सामने की स्थिति जारी रहने की ITBP प्रमुख की पुष्टि सीमा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। एक ओर सरकार और सुरक्षा बल सीमा पर निगरानी तथा तैनाती बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर शौर्य कमांडो, ड्रोन और आधुनिक सुरक्षा ढांचे के जरिए ITBP अपनी क्षमताएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सीमा पर तनाव कम करने के लिए सैन्य वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों की प्रभावशीलता अब भी एक अहम सवाल बनी हुई है।