ईरान में जारी अशांति के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और वतन वापसी सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटी है। जानिए, ईरान से किनको निकालने की तैयारी है।
ईरान में जारी अशांति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों को ईरान से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईरान में अमेरिका के संभावित हमले की आशंका, बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हिंसा के कारण स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। ईरान सरकार ने गुरुवार को अस्थायी तौर पर अपना हवाई क्षेत्र कमर्शियल उड़ानों के लिए बंद कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं।
रिपोर्ट है कि ईरान में क़रीब 10000 भारतीय नागरिक हैं। इनमें क़ोम और मशहद के मदरसों में पढ़ने वाले छात्र और तीर्थयात्री, तेहरान और इस्फहान के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक ईरान से वापस लौटना चाहते हैं, उनके लिए सुविधाएँ मुहैया कराई जा रही हैं।
छात्रों का एक बैच सुबह लौटेगा
दूतावास ने विश्वविद्यालयों के छात्रों और ईरानी अधिकारियों से संपर्क किया है। कई छात्रों का रजिस्ट्रेशन पहले से हो चुका है, उनके पासपोर्ट और व्यक्तिगत जानकारी दूतावास के पास हैं। शुक्रवार सुबह 8 बजे तक पहले बैच के छात्रों को निकासी के लिए तैयार रहने को कहा गया है। आने वाले दिनों में सभी छात्रों को विशेष फ्लाइट्स से वापस लाया जाएगा।
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी इसकी पुष्टि की है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, 'सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो गया है, भारतीय दूतावास ने उनकी पर्सनल डिटेल्स और पासपोर्ट जमा कर लिए हैं और पहले बैच को सुबह 8 बजे तक तैयार रहने के लिए कहा गया है।'
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक दिन पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया कि ईरान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक उपलब्ध किसी भी साधन से जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें। भारतीय दूतावास ने सभी से सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शन या भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहने, स्थानीय मीडिया पर नजर रखने और यात्रा दस्तावेज हमेशा तैयार रखने की अपील की है।
हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइंस पर असर
ईरान का हवाई क्षेत्र गुरुवार सुबह कुछ घंटों के लिए बंद रहा, जिससे पूर्व-पश्चिम उड़ान मार्ग प्रभावित हुआ। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान के ऊपर से उड़ानें टाल दीं। भारतीय एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया ने फिलहाल ईरान के हवाई क्षेत्र से बचने का फैसला किया है।
इससे यूरोप, उत्तरी अमेरिका, सेंट्रल एशिया और कॉकेशस की उड़ानें प्रभावित हुईं। एयर इंडिया ने अमेरिका जाने वाली तीन फ्लाइट्स रद्द कर दीं। कुछ फ्लाइट्स में देरी हुई क्योंकि उन्हें लंबा रास्ता लेना पड़ा।
इराकी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल
मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि एयर इंडिया ने कहा कि अब वे इराकी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इससे उड़ान समय बढ़ रहा है और फ्लाइटों में ईंधन ज्यादा लेना पड़ रहा है। इंडिगो ने बताया कि वे स्थिति की हर रोज़ पड़ताल कर रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ईरान में संकट क्यों बढ़ा?
ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से आर्थिक संकट, मुद्रा के कमजोर होने और अन्य मुद्दों पर बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं और मौतों की संख्या हजारों में बताई जा रही है। अमेरिका के साथ तनाव और हमले की आशंका ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली जैसे कई देशों ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे।