पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक बड़ी घटना सामने आई है। ओमान के सोहार (Sohar) से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में पलाऊ (Palau) के ध्वज वाले तेल टैंकर 'एमटी सेटेबेलो' पर अमेरिकी सेना ने "सटीक हथियारों" (precision munitions) से हमला कर दिया। इस हमले में जहाज पर सवार दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक मुख्य इंजीनियर अब भी लापता हैं।
इस घटना के बाद भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव गरमा गया है। भारत सरकार ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उप-मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) जेसन मीक्स को तलब किया है और अपना "कड़ा विरोध" दर्ज कराया है।

अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के नाम क्या हैं

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के महासचिव मनोज यादव ने पुष्टि की है कि इस हमले में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। मृतकों की पहचान इस प्रकार है: आदित्य शर्मा (डेक कैडेट) और शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर)। इसके अलावा, जहाज के चीफ इंजीनियर पतनाला सुरेश अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार 21 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
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अमेरिकी सेना का क्या कहना है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया (X) पर हमले का एक वीडियो भी जारी किया। सेंटकॉम के मुताबिक, इस तेल टैंकर ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरान से तेल परिवहन (transport) करने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उनके बलों द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों और चेतावनियों का पालन करने में चालक दल विफल रहा, जिसके बाद अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर मिसाइल दागी।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी 'वैनगार्ड टेक' और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, जहाज से एक संकटकालीन संदेश (distress call) भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि उसके इंजन रूम में मिसाइल लगी है और वहां आग लग गई है।

तीन दिनों में दूसरा हमला: भारत की चिंता

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यह चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष का सीधा परिणाम है। भारत ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नागरिक बुनियादी ढांचे और जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मुक्त आवागमन बहाल होना चाहिए।

पिछले तीन दिनों में भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर यह दूसरा हमला है। इससे ठीक दो दिन पहले अमेरिकी सेना ने ओमान के पास ही एक अन्य तेल टैंकर 'मैरीवेक्स' (Marivex) को निशाना बनाया था, जहां से 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया था।

टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम (TankerTrackers.com) के अनुसार, 'एमटी सेटेबेलो' एक ब्लैकलिस्टेड और प्रतिबंधित जहाज था, जो इससे पहले मार्च और अप्रैल के दौरान चीन के बंदरगाहों पर भी जा चुका था। फिलहाल ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।