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कोरोना: शर्मनाक! ज़िम्मेदारी निभाने वालों की ही सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर प्रताड़ना

कोरोना वायरस से 'सोशल डिस्टेंसिंग' यानी अलग-थलग रहने के नाम पर प्रताड़ित करने के बेहद शर्मनाक मामले आए हैं। एयरलाइंस के क्रू मेंबर यानी विमानों पर काम करने वाले लोगों और उनके परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसी ही प्रताड़ना का शिकार हुई इंडिगो की एक क्रू मेंबर ने वीडियो मैसेज पोस्ट किया है। उन्होंने दावा किया है कि वह अपनी माँ के साथ रहती हैं और जब वह फ़्लाइट के लिए चली जाती हैं तो उनकी माँ को खाने-पीने की चीजें लेने जाने पर उनकी सोसायटी के लोग ही उन्हें प्रताड़ित करते हैं और तंज कसते हैं। वीडियो में वह अपनी आपबीती कहती हुई रो पड़ती हैं। अब दावा किया गया है कि बदमाश घर पर आकर धमकी दे रहे हैं कि दोनों को वे बाहर फेंक देंगे। ऐसा तब है जब उनको कोरोना का कोई लक्षण भी नहीं है। लेकिन फर्ज करें कि यदि कोई कोरोना वायरस का पॉजिटिव हो भी तो क्या इस तरह से प्रताड़ित करना अपराध नहीं है? आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई भी नहीं कर रही है।

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सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पोस्ट किया गया है। इसमें कहा गया है कि यह मामला कोलकाता का है। एयरलाइंस से जुड़े मामलों में रिपोर्टिंग करने वाले तरुण शुक्ला ने इस वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में वह कहती हैं, 'पहली चीज कि लोग मेरी सोसाइटी में अफवाह फैला रहे हैं कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूँ।' 

वीडियो में आगे वह कहती हैं, 'दूसरी बात, मैं और मेरी माँ दोनों साथ रहते हैं, मैं जब आती (फ़्लाइट से लौटने पर) हूँ तो माँ की सहायता करती हूँ। वह सामान खरीदने के लिए बाहर नहीं जा सकती हैं क्योंकि लोग उनको यह कहते हुए इनकार कर रहे हैं कि तुम्हारी बेटी को कोरोना हो गया है और तुम्हें भी यह हो गया होगा। तुम लोग दूसरों में भी इसको फैला रही हो। मेरी प्रार्थना है कि...'

उन्होंने वीडियो में कहा कि उनके क्रू के दो और सदस्यों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम लोगों को इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि हम अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि लोगों को इस बारे में जागरूक करें कि हमारी जाँच बाहर भी होती है और अंदर भी। हम आप लोगों से ज़्यादा सुरक्षित हैं। हम लोग आप लोगों से ज़्यादा सावधानियाँ बरत रहे हैं। ...हमें पता है कि हमें क्या करना चाहिए। यदि वैसा कुछ भी होता है तो मैं पहले हॉस्पिटल जाऊँगी बजाए नौकरी पर जाने के। कृपया। मेरा आग्रह है कि अफवाह नहीं फैलाएँ। मुझे कोरोना नहीं है।'

वीडियो पोस्ट के साथ ही तरुण ने यह भी लिखा है कि उन्हें ख़बर मिली है कि गुंडे उनके घर पर जाकर धमका रहे हैं कि वे उनको और उनकी माँ को घसीटते हुए हॉस्पिटल में भर्ती करा देंगे। उन्होंने दावा किया है कि कोलकाता पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज करने से भी इनकार कर दिया है। 

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ऐसा ही एक अन्य मामला एयर इंडिया के क्रू मेंबर के साथ हुआ है। बीती रात दिल्ली के केशव पुरम में लॉरेंस रोड पर रात क़रीब दस बजे इस क्रू मेंबर को प्रताड़ित किया गया। सोशल मीडिया पर कहा गया है कि यह घटना रात क़रीब दस बजे की है। 
ये तो कुछ मामले हैं जो सामने आए हैं। पता नहीं ऐसी हरकतें कितने लोगों के साथ और किस-किस हद तक की जा रही होंगी। सिर्फ़ अफवाह पर ही क्या ज़िंदा रहने के लिए ज़रूरी चीजें भी लोगों को खरीदने नहीं दिया जाएगा? क्या यही मानवता है? कोरोना वायरस को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर ऐसी बेहद शर्मनाक हरकत क्यों की जा रही है? सावधानियाँ बरतनी ज़रूरी हैं, लेकिन इसक मतलब यह तो नहीं कि किसी को उसके घर से ही निकाल दिया जाए? जैसा कि दावा किया गया है कि उन्हें घसीटते हुए हॉस्पिटल में भर्ती करा देंगे तो क्या बिना कोई लक्षण दिखे ही हॉस्पिटल में डॉक्टर भर्ती कर लेंगे? ऐसे ही कई सवाल हैं जो लोगों को ख़ुद से पूछना चाहिए जब वे इस तरह की हरकत करने के बारे में सोचें भी।
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