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धर्म संसद में भड़काऊ बयानबाजी करने वालों को मिले सजा: इंद्रेश कुमार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने हरिद्वार की धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ की गई भड़काऊ बयानबाजी की निंदा की है। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में इंद्रेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को नफरत फैलाने और समाज के एक वर्ग को दूसरे वर्ग के खिलाफ खड़ा करने से बचना चाहिए।

इंद्रेश कुमार ने कहा कि जो भी लोग भड़काऊ बयानबाजी करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि वह कोई बड़ी शख्सियत हैं या किसी राजनीतिक दल या समूह से संबंध रखते हैं।

संघ के ही संगठन राष्ट्रीय मुसलिम मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने कहा कि किसी समुदाय, जाति या समूह के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करने या उन्हें बांटने के बजाय भाईचारे और विकास की राजनीति की जानी चाहिए। 

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इंद्रेश कुमार ने कहा कि सभी तरह की नफरती बयानबाजी की निंदा होनी चाहिए और ऐसे मामलों में कानून के मुताबिक सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को बांटने की कोशिश करने वाले ऐसे कृत्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि इससे देश का माहौल खराब होता है।

इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर महात्मा गांधी की हत्या के लिए संघ और इसकी विचारधारा को दोष देने के लिए हमला बोला और इस तरह के आरोपों को बेबुनियाद बताया। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बाकी राजनीतिक दल कई साल तक सत्ता में रहने के बाद भी अपने इन आरोपों को कभी भी साबित नहीं कर सके। 

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हरिद्वार की धर्म संसद में हिंदू रक्षा सेना के प्रबोधानंद गिरी, यति नरसिंहानंद सरस्वती, पूजा शकुनि पांडे उर्फ साध्वी अन्नपूर्णा, वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफरती भाषण दिए और नरसंहार की बातें कहीं। 

प्रबोधानंद गिरि की फोटो कई बीजेपी नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर आ चुकी हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हैं। 

इंद्रेश कुमार का राष्ट्रीय मुसलिम मंच हिंदुओं और मुसलमानों को एक सूत्र में जोड़ने के काम में जुटा हुआ है और उन्हें करीब लाने के लिए कार्यक्रम करता रहता है। 

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