अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील पर एक “अंतरिम समझौते” (Interim Agreement) के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दे दिया है। व्हाइट हाउस ने शनिवार, 6 फरवरी की देर रात इसकी घोषणा की। यह फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच लगभग एक साल से चल रही बातचीत के बाद एक औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि इससे पहले केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस ट्रेड डील के बारे में कहा था कि उन्हें नहीं पता, उद्योग मंत्री पीयूष गोयल देख रहे हैं। पीयूष गोयल ने कहा था कि अभी तीन-चार दिन में पूरा खाका सामने आएगा। लेकिन अमेरिका ने इसे शनिवार देर रात ही घोषित कर दिया, जिसे पीयूष गोयल ने भी एक्स पर ट्वीट किया। ट्रेड डील पर पूरा करार मार्च में घोषित होगा। बहरहाल, पीएम मोदी ने इस फ्रेमवर्क घोषणा का स्वागत किया है। 
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संयुक्त बयान को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इस नए ढांचे से बाजार तक पहुंच का बड़ा अवसर खुलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते का ढांचा तय किया है, जो “भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खोल सकता है।”
गोयल का दावा है कि यह समझौता विशेष रूप से एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बढ़ते निर्यात से “महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नई नौकरियों के अवसर” पैदा होंगे।
यह घोषणा उस बयान के कुछ ही दिनों बाद आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापार समझौता हो गया है। बाद में इस दावे की पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी। लेकिन समझौते में क्या क्या तय हुआ है, इसकी जानकारी सरकार की ओर से नहीं दी जा रही थी। भारत में कृषि क्षेत्र को लेकर लगातार चिन्ता जताई जा रही थी। हालांकि अभी भी कृषि क्षेत्र को लेकर पूरी बात सामने नहीं आई है। अगले महीने जब ट्रेड डील का पूरा करार घोषित होगा, तभी कुछ पता चलेगा।
ताज़ा ख़बरें

ट्रंप ने 25% टैरिफ हटाया, रूसी तेल आयात रोकने का दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की घोषणा की। इस कार्यकारी आदेश में ट्रंप के उस दावे को दोहराया गया है कि भारत ने रूस से “प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से” तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत ने अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है।

इससे पहले ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा और इसे समझौते का एक अहम हिस्सा बताया था। हालांकि यह दावा प्रधानमंत्री मोदी के उस पोस्ट में शामिल नहीं था, जो ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद X पर साझा किया गया। अभी गुरुवार को ही रूस ने कहा था कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने को स्वतंत्र है। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा था कि भारत की प्राथमिकता अपनी 1.4 अरब जनता की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लेकिन जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें स्पष्ट कहा गया है कि रूस से तेल खरीदना लगातार कम हो रहा है। रूस से तेल आयात का मूल्य घटकर मात्र 2.7 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले 38 महीनों में सबसे कम है।

भारत–अमेरिका ट्रेड डील: अंतरिम फ्रेमवर्क के खास प्वाइंट

1. अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर भारत ने टैक्स में कटौती
भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई खाद्य व कृषि वस्तुओं पर टैक्स खत्म करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), पशु चारे में इस्तेमाल होने वाला रेड ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रास्सेड (प्रसंस्कृत) फल, सोयाबीन तेल, शराब (वाइन) और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं।

2. भारतीय उत्पादों पर अमेरिका का 18% पारस्परिक टैरिफ
अमेरिका भारतीय मूल के उत्पादों पर 18 फीसदी का रेसीप्रोकल (पारस्परिक) टैरिफ लगाएगा। इसमें कपड़े और कढ़े परिधान, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट उत्पाद और कुछ मशीनरी क्षेत्र शामिल हैं।

3. अंतरिम समझौते के बाद चुनिंदा भारतीय निर्यात पर शून्य टैरिफ
अंतरिम समझौते के सफल समापन के बाद अमेरिका कई भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क हटा देगा। इनमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे तथा विमान के पुर्जे शामिल हैं। 

4. विमान और उनके पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ की समाप्ति
अमेरिका पहले एल्यूमीनियम, स्टील और कॉपर आयात से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा आदेशों के तहत भारतीय विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए शुल्क हटा देगा।

5. बाजार पहुंच की प्रतिबद्धता
दोनों देशों ने आपसी हित के क्षेत्रों में एक-दूसरे को निरंतर आधार पर बाजार तक पहुंच देने की प्रतिबद्धता जताई है।
6. अमेरिकी खाद्य और कृषि निर्यात पर बाधाएं कम करना
भारत ने अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों को प्रभावित करने वाली लंबे समय से चली आ रही गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई है और बाजार पहुंच से जुड़ी चिंताओं को सुलझाने की जरूरत को स्वीकार किया है।

7. मानकों और अनुरूपता आकलन पर समन्वय
ट्रेड डील को आसान बनाने के लिए दोनों देश आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में स्टैंडर्ड और एक जैसा आकलन प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे।

8. टैरिफ बदलाव पर सुरक्षा प्रावधान
यदि भविष्य में कोई देश तय किए गए टैरिफ स्तरों में बदलाव करता है, तो दूसरे देश को उसके जवाब में अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन करने का अधिकार होगा।

9. व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की ओर रास्ता
यह अंतरिम ढांचा पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। अमेरिका ने कहा है कि बीटीए वार्ताओं के दौरान वह भारतीय उत्पादों पर और टैरिफ कटौती के भारत के अनुरोध पर विचार करेगा।

10. अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद की भारत की योजना
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा जताया है।

11. प्रौद्योगिकी व्यापार और सहयोग का विस्तार
दोनों पक्ष डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले जीपीयू सहित तकनीकी उत्पादों के व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का भी विस्तार किया जाएगा।

पीएम मोदी ने फ्रेमवर्क घोषणा का स्वागत किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे "भारत और अमेरिका के लिए बड़ी खुशखबरी" बताया और दोनों देशों के बीच "मजबूत संबंधों के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता" के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने एक बयान में कहा कि यह ढांचा भारत-अमेरिका साझेदारी की "बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता" को दर्शाता है और किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप नवप्रवर्तकों और मछुआरों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूत करेगा।