राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 10 साल में 152 पेपर लीक हुए लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं हुई। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया और छात्रों पर बर्बरता के लिए कार्रवाई की मांग की।
जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की बर्बरता को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों पर कथित बर्बरता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 बार पेपर लीक हुए, लेकिन अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
काली पट्टी बांधकर पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने हाथ पर काली पट्टी बांध रखी थी। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा, 'जो शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की बेहतरीन व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, वह आज पूरी तरह से गड़बड़ और पक्षपातपूर्ण व्यवस्था बन गई है।'
राहुल गांधी ने सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों का भविष्य बर्बाद किया है। उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए। वह इस ज़िम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह असफल रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बचाने में नाकाम रही है।
छात्रों पर लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'हमारे छात्रों ने आखिर क्या ग़लती की है? उन पर लाठियाँ क्यों बरसाई गईं? उन्हें घसीटा गया, अपमानित किया गया। जो छात्र सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया?'
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने कहा,
प्रधानमंत्री में इतनी शालीनता होनी चाहिए कि वे छात्रों से माफी मांगें। मुझे पुलिस ने कैसे रोका या मेरे साथ क्या हुआ, इसकी मुझे चिंता नहीं है। मेरे साथ इससे भी बुरा व्यवहार कर लें, लेकिन चर्चा का केंद्र छात्र होने चाहिए। राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता
मुझे घसीटने वाले पुलिसकर्मी मेरे कान में कह रहे थे इस सरकार को हटाइए: राहुल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री आवास के घर के सामने धरने के दौरान हुए घटनाक्रम पर एक पत्रकार के सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि जो पुलिसवाले मुझे वहां से हटा रहे थे वे भी मेरे कानों में कह रहे थे कि इस सरकार को हटाएँ।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र कोई असंभव मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'छात्र सिर्फ इतना चाहते हैं कि उन्हें निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था मिले। यह उनका अधिकार है और देश उन पर यह कर्जदार है।'
पेपर लीक से टूट रहे हैं छात्रों के सपने: राहुल
कांग्रेस नेता ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों को मानसिक तनाव में धकेल दिया है। उन्होंने कहा, 'कई छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। इससे कई छात्र निराशा में आत्महत्या तक कर चुके हैं। यह अब अलग-अलग घटनाएं नहीं रहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकट बन चुका है।' '152 पेपर लीक, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं'
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने कहा, 'लगभग हर महीने एक पेपर लीक हुआ, लेकिन सरकार एक भी दोषी को सजा नहीं दिला सकी।' उनका आरोप था कि इस वजह से लगभग 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि लाखों परिवार अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं। उन्होंने कहा, 'परिवार अपनी पूरी बचत बच्चों की शिक्षा पर लगाते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी उम्मीदें टूट जाती हैं। कोई न कोई देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है और सरकार अब तक जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं दिला सकी है।'
राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि एक बड़ी परीक्षा की तैयारी पर परिवार जितना खर्च करते हैं, वह सरकार के शिक्षा बजट के बराबर पहुंच जाता है।बीजेपी का राहुल पर हमला
इधर, बीजेपी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने को 'बचकाना' बताया और आरोप लगाया कि संसद का सत्र चलने के बावजूद कांग्रेस अनावश्यक टकराव का माहौल बना रही है। सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में अपना प्रतिरोध प्रदर्शन भी किया।
राहुल गांधी इससे पहले भी कई बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता खत्म कर दी है और करोड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है। अब जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को और तेज कर दिया है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाबदेही तय करने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है।