कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में एलपीजी की कमी का मुद्दा राज्यसभा में उठाया। इस पर सरकार ने उल्टे विपक्ष पर ही बड़ा आरोप जड़ दिया और अराजकता फैलाने और भ्रम पैदा करने का आरोप लगा दिया।
देश में एलपीजी की कमी को लेकर राज्यसभा में सोमवार को बड़ा हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में एलपीजी की कमी का मुद्दा उठाया तो सरकार ने विपक्ष पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगा दिया।
पहले से तैयारी क्यों नहीं?
खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण आने वाली मुश्किल का अंदाजा होने के बावजूद सरकार ने पहले से कोई तैयारी नहीं की। इससे ब्लैक मार्केटिंग बढ़ गई है और आम लोग परेशान हैं। खड़गे ने कहा, 'भारत को ज़्यादातर एलपीजी आयात करना पड़ता है और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से जहाजों की आवाजाही रुक गई है। सरकार को पहले से पता था कि ऐसा हो सकता है, क्योंकि संघर्ष बढ़ने पर विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को एडवाइजरी जारी की थी। लेकिन सरकार ने कोई पूर्व तैयारी नहीं की।खड़गे ने कहा कि इस कमी से पूरे देश में हाहाकार मच गया है। गरीब, कमजोर वर्ग, मध्यम वर्ग के घर, रेस्टोरेंट, होस्टल, छोटे व्यापारी और कमर्शियल यूजर बहुत परेशान हैं। कई जगहों पर रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं या मेन्यू कम कर रहे हैं। खड़गे ने बताया कि ब्लैक मार्केट में एक सिलेंडर 5000 रुपये तक बिक रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में कहा था कि कोई कमी नहीं है और अफवाहों से दूर रहें, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग है।
खड़गे ने कहा, 'भारत अपनी कुल एलपीजी ज़रूरतों का क़रीब 60% आयात करता है। इसमें भी 90% आयात हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात घरेलू उपलब्धता और क़ीमतों को स्थिर रखना- दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।'
'सामुदायिक किचेन से लेकर राम रसोई तक बंद'
उन्होंने कहा, 'देश के करीब हर हिस्सों में इसका असर पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हैं। छोटे-छोटे ढाबे वाले, रेस्टोरेंट, होटल सब पर असर है। सामुदायिक किचेन से लेकर राम रसोई तक बंद है। ये चिंता की बात है कि कई प्रतिष्ठानों ने अपने काम सीमित या बंद कर दिए हैं।' खड़गे ने सवाल उठाया कि अगर सरकार को पता था कि देश में एलपीजी संकट बढ़ेगा तो सरकार ने कड़े क़दम क्यों नहीं उठाए, लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया। यह संकट सरकार के दयनीय मैनेजमेंट और खराब विदेश नीति की पोल खोलता है।
खड़गे ने मांग की कि सरकार तुरंत सख्त क़दम उठाए। सिलेंडर सबको सस्ते दाम पर उपलब्ध कराए जाएं। छोटे व्यापारियों और आम लोगों को राहत दी जाए। उन्होंने सरकार की विदेश नीति और मैनेजमेंट को खराब बताया।
नड्डा बोले- अराजकता फैलाने की कोशिश
खड़गे के सवालों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि संकट के समय में भी विपक्ष, खासकर कांग्रेस, राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा, 'वे देश के शांतिपूर्ण लोगों को उकसा रहे हैं... संकट के समय में देश के साथ खड़े होने की बजाय वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।'नड्डा ने कहा कि यह संकट भारत की वजह से नहीं है, भारत ने इसमें कोई भूमिका नहीं निभाई। अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण यह समस्या आई है। सरकार ने विस्तार से चर्चा की है और स्थिति समझाई है, लेकिन विपक्ष सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे संकट में देश के साथ नहीं खड़े हो रहे, बल्कि अराजकता फैला रहे हैं।
यह मुद्दा पश्चिम एशिया में अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से जुड़ा है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावित किया है, जिससे भारत की एलपीजी आयात पर असर पड़ा है। सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की कमी से रेस्टोरेंट और होटल प्रभावित हैं। कई जगह पैनिक में लोग सिलेंडर ख़रीद रहे हैं और इंडक्शन स्टोव की डिमांड बढ़ गई है।
विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी है और आम लोगों को सिलेंडर की उपलब्धता की चिंता सता रही है। सरकार का कहना है कि कोई कमी नहीं है, लेकिन विपक्ष जमीन पर अलग हकीकत बता रहा है।