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गाय, ओम सुनते ही कुछ लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि वह और उनकी पार्टी बीजेपी गाय और हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति करती रहेगी। मोदी ने मथुरा में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ओम और गाय सुनते ही कुछ लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से देश 16वीं सदी में लौट जाएगा।' 
मोदी ने इसके आगे कहा, 'देश को बर्बाद करने वालों ने देश बर्बाद करने में कुछ नहीं छोड़ा।' 
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तिहाद-ए-मुसलमीन के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने कहा, 'प्रधानमंत्री के कान तब खड़े हो जाने चाहिए जब गाय के नाम पर इंसानों को मारा जा रहा हो और सविधान की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हों।' 
ओवैसी ने आगे कहा, 'गाय हमारे हिन्दू भाइयों के लिए पवित्र है, संविधान में लोगों को जीने का अधिकार और बराबरी का हक़ दिया गया है।' 
पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे यह साफ़ है कि बीजेपी गाय और हिन्दुत्व के मुद्दे को भुनाना जारी  रखेगी। यह इसलिए कहा जा रहा है कि कई बार देश के अलग-अलग जगहों पर गाय के नाम पर लोगों, ख़ास कर मुसलमानों को, निशाना बनाया गया है। गाय ले जा रहे लोगों पर हमले किए गए हैं, कई मामलों में लोगों को पीट-पीट कर मार डाला गया है। अधिकतर मामलों में हमलावरों के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ मामलों में हमलावरों को बचाया गया है और कुछ मामलों में तो पीड़ितों पर ही मुकदमे ठोक दिए गए हैं। 
राजस्थान के अलवर में दूध पीने के लिए गाय ले जा रहे पहलू खां को बुरी तरह पीटा गया, अस्पताल में उनकी मौत हो गई। लेकिन इस मामले में सभी अभियुक्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिए गए हैं। इसके उलट पहलू ख़ां के बेटे पर ही गाय तस्करी का आरोप लगाया गया था, हालाँकि वह मामला बाद में पुलिस ने वापस ले लिया। पर्यवेक्षकों का कहना है कि पुलिस ने जानबूझ कर केस को कमज़ोर कर दिया। अदालत ने पुलिस की तीखी आचोलना करते हुए कड़ी टिप्पणी की थी और कहा था कि वह सबूत जुटाने में नाकाम रही। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ख़ुद एक बार कहा था कि गोरक्षा के नाम असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं और राज्य सरकारों को ऐसे लोगों पर नज़र रखनी चाहिए और उनका डेटा बैंक बनाया जाना चाहिए। पर इसके बाद भी गाय ले जा रहे लोगों पर हमले हुए हैं। 
प्रधानमंत्री ने इस बार गाय के साथ ही 'ओम' शब्द जोड़ दिया है। यह महत्वपूर्ण इसलिए भी है कि ओम को हिन्दू प्रतीक माना जाना जाता है। इस पर कोई विवाद भी नहीं रहा है। तो प्रधानमंत्री ने गाय के साथ यह सवाल क्या उठा दिया है, यह बात पूछी जा रही है। क्या वह यह संकेत दे रहे हैं कि उनकी पार्टी जो बीते कुछ दिनों से विकास और राष्ट्रवाद की बातें करती थी, एक बार फिर हिन्दुत्व के मुद्दे को उछालना चाहती है? 
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