प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने और सीमा पर शांति बनाए रखने पर जोर दिया। चीन में शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान यह मुलाकात हुई। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ वार के बीच दोनों नेताओं की इस द्विपक्षीय बैठक को भारत और चीन के बीच रिश्ते की सुधार की दिशा में एक और बड़ा क़दम माना जा रहा है। यह मुलाकात पिछले पाँच वर्षों से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर चल रहे सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की पहल के बीच हुई।
आपसी भरोसे से भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने का प्रयास: मोदी जिनपिंग से बोले
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- 31 Aug, 2025
पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाक़ात के क्या मायने हैं? क्या यह ट्रंप टैरिफ़ विवाद और अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच भारत-चीन रिश्तों को सुधारने की दिशा में बड़ा क़दम साबित होगी?

प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ में शी जिनपिंग से मुलाकात की
पीएम मोदी ने कहा, 'हम भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीमा पर शांति और स्थिरता हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता हमारे संबंधों का आधार बनेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हुए हैं और इन संबंधों का वैश्विक शांति व समृद्धि पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, 'हमारी पिछली मुलाकात के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति हुई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल हो रही हैं।'