ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल (crew members) वाले व्यापारिक जहाज 'एमटी लियाकी फ्रीडम' (MT Liaki Freedom) पर अमेरिकी हमले की खबरों को भारत सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को इन दावों को "निराधार" और "झूठा" बताया है। इसी बीच जहाज से एक ऑडियो संदेश भी सामने आया है, जिसमें क्रू मेंबर्स ने स्पष्ट किया है कि जहाज पर कोई आग नहीं लगी है और सभी सुरक्षित हैं।

नाविकों के संगठन ने ऑडियो जारी किया

सोशल मीडिया पर 'फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया' (FSUI) द्वारा जारी किए गए एक ऑडियो क्लिप में जहाज के कप्तान (मास्टर) को यह पुष्टि करते हुए सुना जा सकता है कि जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ है। जब उनसे जहाज की स्थिति पूछी गई, तो कप्तान ने कहा: "सब ठीक है, सब ठीक है (All okay, all okay)।" रिपोर्टों में किए गए आग लगने के दावों पर सवाल पूछे जाने पर कप्तान ने जवाब दिया: "नेगेटिव, कोई आग नहीं लगी है (Negative, no fire)।"

विदेश मंत्रालय का रुख

विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफवाहें उड़ने के बाद भारतीय अधिकारियों ने तुरंत जहाज के कप्तान से संपर्क किया। कप्तान ने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। मंत्रालय ने मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि जहाज पर अमेरिका द्वारा दोबारा हमला किया गया है।
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चौथे हमले का ज़ोरदार खंडन, 3 हमलों के लिए यूएस की निन्दा नहीं

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय क्रू वाले तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। बुधवार को पलाऊ के झंडे वाले जहाज 'एमटी सेटेबेलो' (MT Settebello) पर एक अमेरिकी जेट द्वारा किए गए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान पटनाला सुरेश (44 वर्ष), आदित्य शर्मा (23 वर्ष) और शिवानंद चौरसिया (38 वर्ष) के रूप में हुई है। लेकिन भारत सरकार ने औपचारिक रूप से इन हमलों के लिए अमेरिका की निन्दा नहीं की। पीएम मोदी ने इस पर कोई बयान तक नहीं दिया। विपक्ष इस मुद्दे पर हमलावर है। इस बीच ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग को व्यावहारिक रूप से बंद किए जाने के कारण कम से कम 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज वर्तमान में वहां फंसे हुए हैं और गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।

भारत ने यूएस के तीन हमलों पर अब तक क्या कहा

इस गंभीर मामले पर भारत सरकार ने अमेरिकी प्रशासन के से विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की और खाड़ी में हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर इस तरह की कार्रवाई किसी भी तरह से जायज नहीं है। विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह दूसरी बार नई दिल्ली में सबसे वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक (चार्ज डी'अफेयर्स) जेसन मीक्स को तलब (summon) किया और इन हमलों पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।

नेता विपक्ष राहुल गांधी का हमला

राहुल ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल में अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, लेकिन प्रधानमंत्री ने अब तक एक शब्द भी नहीं बोला। राहुल गांधी ने कहा, 'जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं। अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।' पीएम मोदी शनिवार को यूरोप की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। फ्रांस में 15 से 17 जून कर जी 7 शिखर सम्मलेन हो रहा है। इस सम्मेलन में मोदी की यूएस राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात हो सकती है।
राहुल गांधी का यह हमला तब आया है जब मोदी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि अमेरिकी हमले में भारतीय नागरिकों की मौत पर आख़िर पीएम मोदी या सरकार ने खुले तौर पर अमेरिका का विरोध क्यों नहीं किया? सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि केंद्र में बीजेपी की सरकार है और वह खुद को 'राष्ट्रवादी' पार्टी और 'राष्ट्रवादी' सरकार होने का दावा करती रही है। राहुल गांधी ने भी संकेतों में यही सवाल करते हुए निशाना साधा है। राहुल ने साफ़ तौर पर कहा कि जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है।
बहरहाल, ट्रंप जब ईरान को भारतीय जहाजों पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं अमेरिकी सेना का कहना है कि ये जहाज ईरान से तेल ले जा रहे थे और ईरान के खिलाफ लगाए गए ब्लॉकेड का उल्लंघन कर रहे थे। बुधवार को MT Settebello नाम के जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 24 भारतीय नाविक थे। 21 को बचाया गया, लेकिन 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। गुरुवार को MT Jalveer नामक टैंकर पर अमेरिकी हमला हुआ। इस पर 22 भारतीय नाविक थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।