बिल गेट्स भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे और अपना कीनोट एड्रेस तय कार्यक्रम के अनुसार देंगे। गेट्स फाउंडेशन के भारत कार्यालय ने एक्स पर जारी बयान में इसकी पुष्टि की है। पहले इस तरह की खबरें थीं कि एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स का नाम आने की वजह से अब बिल गेट्स एआई सम्मेलन में न हिस्सा लेंगे और न ही भाषण देंगे। यह बहुत साफ है कि इस सम्मेलन में बिल गेट्स को भारत सरकार ने आमंत्रित किया है। उनका गेट्स फाउंडेशन कई सारी सरकारी योजनाओं में भारत सरकार का पार्टनर भी है।
गेट्स फाउंडेशन इंडिया ने लिखा, “बिल गेट्स AI इम्पैक्ट समिट में भाग ले रहे हैं। वे अपना कीनोट एड्रेस तय समय पर देंगे।” बयान में भारत को AI का वैश्विक नेता बताया गया है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े AI टैलेंट पूल में से एक और विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अपनाने की क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में AI देश के विकसित भारत के विजन का केंद्र बन गया है। फाउंडेशन ने भारत के पब्लिक-प्राइवेट मॉडल की सराहना की, जिसमें सरकार, स्टार्टअप्स, अकादमिया और इंडस्ट्री एक साथ आकर AI को विश्व के लिए विकसित कर रहे हैं।
यह स्पष्टीकरण तब आया जब समिट की कुछ ऑनलाइन स्पीकर लिस्टिंग में बिल गेट्स का नाम नहीं दिखने से खबरें आने लगीं कि वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

यह स्पष्टीकरण तब आया जब समिट की कुछ ऑनलाइन स्पीकर लिस्टिंग में बिल गेट्स का नाम नहीं दिखने से अटकलें लगीं कि वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। द हिन्दू अखबार की डिप्लोमैटिक अफयेर्स एडिटर सुहासिनी हैदर ने एक्स पर लिखा है- मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है: सरकारी सूत्र ने बताया पीटीआई को बताया कि एप्स्टीन मामलों के कारण बिल गेट्स का एआई शिखर सम्मेलन रद्द कर दिया गया है, गेट्स फाउंडेशन ने बताया कि गेट्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं और मुख्य भाषण देंगे।


एपस्टीन और बिल गेट्स

एपस्टीन लिंक और ऑनलाइन विवाद के बीच यह बयान आया है। जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में बिल गेट्स का नाम आने से सोशल मीडिया पर चर्चा थी। इन दस्तावेजों में एपस्टीन के दावे का जिक्र है, लेकिन गेट्स ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और उन्हें “पूरी तरह निराधार और झूठा” बताया है। उनकी पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने भी NPR पॉडकास्ट में कहा था कि एपस्टीन से मुलाकातें उनके 27 साल के वैवाहिक जीवन के अंत में एक कारण थीं। दोनों का तलाक हो चुका है। लेकिन भारत में उनका स्वागत हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाते हुए पूछा कि मेलिंडा गेट्स ने तो एपस्टीन फाइल्स में नाम आने से बिल गेट्स को तलाक दे दिया लेकिन भारत सरकार अभी भी बिल गेट्स को चीफ गेस्ट बना रही है। 


भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। यह समिट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं और टेक एक्जीक्यूटिव्स को AI गवर्नेंस, नियामक ढांचे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करना है। 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं।

बिल गेट्स इस सप्ताह भारत पहुंचे थे और आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश ने उनका स्वागत किया। चर्चा स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और टेक-आधारित गवर्नेंस में सहयोग पर केंद्रित रही। नायडू ने 1997 से गेट्स के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया और आंध्र प्रदेश के “स्वर्ण आंध्र 2047” रोडमैप में गेट्स फाउंडेशन से जुड़ाव की संभावना बताई।

हालांकि, कुछ राजनीतिक नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने एपस्टीन दस्तावेजों का हवाला देकर उनकी यात्रा की आलोचना की और आरोप लगाया कि वे भारत को अपने उत्पादों के लिए “लैब” की तरह इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया पर आलोचना के बावजूद, गेट्स फाउंडेशन के बयान से स्पष्ट है कि वे दिल्ली में समिट में भाग लेंगे।

बिल गेट्स 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन पद से हट चुके हैं, लेकिन वे गेट्स फाउंडेशन के वैश्विक परोपकारी कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं।