नीट परीक्षा को लेकर छात्रों की खुदकुशी और हताशा के बीच एनटीए परीक्षा सेंटर को लेकर विवादों में है। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा- जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकता... उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
सरकार ने 3 मई को हुई नीट परीक्षा 2026 को रद्द कर दिया है
नीट प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की दोबारा होने वाली परीक्षा (re-test) से ठीक एक दिन पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। नागपुर के एक छात्र ने परीक्षा के लिए अपनी पहली पसंद के रूप में नागपुर शहर को चुना था, लेकिन शनिवार को जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अबू धाबी का 'अबू धाबी इंडियन स्कूल' अंकित था। यह परीक्षा कल रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित होनी है। एनटीए ने इसे तकनीकी गलती बता कर पल्ला झाड़ लिया है।
हालांकि, NTA ने इस तकनीकी गड़बड़ी को सुधार लिया और छात्र को वापस नागपुर का ही सेंटर आवंटित कर दिया। लेकिन इस बड़ी चूक की वजह से छात्र का परिवार कई घंटों तक बेहद तनाव और अनिश्चितता के माहौल में रहा।
'बच्चे के पास पासपोर्ट भी नहीं है'
इस घटनाक्रम से पहले छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने ANI को बताया, "हम अपने बच्चे को परीक्षा के लिए विदेश भेजने में पूरी तरह असमर्थ हैं। उसके पास तो पासपोर्ट भी नहीं है, और हमारे पास यात्रा की व्यवस्था करने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं बचा था।"परिजनों ने बताया कि उन्होंने आवेदन फॉर्म भरते समय पहली पसंद नागपुर, और उसके बाद वर्धा और भंडारा को चुना था। इससे पहले 3 मई को हुई मुख्य परीक्षा में छात्र को नागपुर के सरस्वती विद्यालय में सेंटर मिला था, लेकिन पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने के कारण यह री-टेस्ट कराया जा रहा है। गड़बड़ी का पता चलते ही परिवार ने तुरंत NTA की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने पुष्टि की कि छात्र को नागपुर में ही सेंटर दे दिया गया है।
राहुल गांधी और विपक्ष का तीखा हमला
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर NTA और सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह एजेंसी "देश के सब्र का इम्तिहान ले रही है।"जो सिस्टम एक बच्चे को उसके अपने शहर में सेंटर नहीं दे सकता, बल्कि उसे विदेश भेज देता है- उसे परीक्षाएं आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है। यह आखिर हुआ कैसे? कल (परीक्षा के दिन) किसी भी छात्र को अपने सेंटर तक न पहुंच पाने की कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए थी। -नेता विपक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद का 20 जून 2026 को सोशल मीडिया पर बयान
राहुल गांधी ने इसी बयान में आगे कहा, "मैंने कोटा में भी यही बात कही थी। यह अब कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह पूरी एक पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की जबरन वसूली (extortion) बन चुका है।" नेता विपक्ष ने एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली व परीक्षा प्राधिकरण की मांग की है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. अनीस अहमद ने भी इस घटना को "गंभीर लापरवाही" करार देते हुए NTA की कड़ी आलोचना की थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हो रही है परीक्षा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब NTA री-टेस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने का दावा कर रहा है। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा सामग्री को पुलिस सुरक्षा के बीच GPS वाले वाहनों में ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) निगरानी, आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मुख्य परीक्षा की तरह इसमें किसी भी तरह की धांधली न हो सके।