यानी चीन गलवान घाटी में विवाद को लेकर भारत के साथ बातचीत कर रहा है और दूसरे क्षेत्रों में घुसपैठ करता जा रहा है। यही नहीं, पूरे गलवान घाटी को लेकर भी चीन का वैसा ही रवैया है।
इस ढाँचे का निर्माण 16 जून से 22 जून के बीच किया गया है, क्योंकि झड़प के एक दिन बाद 16 जून को प्लेनेट लैब्स ने लोकेशन की सैटेलाइट इमेज दिखाईं तो उसमें कोई ढाँचा नहीं दिखा था।