NITI Aayog on PM Modi advices: पीएम की सलाह के बाद नीति आयोग ने 2 साल के लिए निर्माण कार्यों पर रोक की सिफारिश की है। IT यूनियन ने श्रम मंत्री को पत्र लिखकर वर्क फ्रॉम होम (WFH) की मांग की है।
नीति आयोग ने केंद्र सरकार को देशभर में बड़े निर्माण और ध्वस्तीकरण कामों को दो साल के लिए रोकने की सलाह दी है। इस सिफारिश में निर्माण भवन, उद्योग भवन और शास्त्री भवन जैसे केंद्रीय मंत्रालयों के परिसरों के पुनर्निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य भी शामिल हैं। नीति आयोग की यह सलाह पीएम मोदी के 10 मई को दिए गए सुझावों के मद्देनज़र महत्वपूर्ण है। मोदी के बयान के बाद नीति आयोग की सलाह मंत्रालयों के बीच चक्कर लगा रही है। कहा जा रहा है कि मोदी की सलाह के बाद माहौल बनने लगा है। आईटी यूनियन नैंसेट ने श्रम और रोज़गार मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर मांग की है कि आईटी सेक्टर में वर्क फ्रॉम होम फौरन लागू किया जाए। सोशल मीडिया पर लोग वर्क फ्रॉम होम की मांग कर रहे हैं।
नीति आयोग की यह सलाह ऐसे सामने आई है, जब पीएम मोदी ने देश की जनता से फिजूलखर्ची रोकने, ईंधन बचाने, वर्क फ्रॉम होम करने को कहा। मोदी ने 10 मई को हैदराबाद में कहा था कि खुद की कार के बजाय सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। विदेश यात्रा न करें और एक साल तक गोल्ड भी नहीं खरीदें। मोदी की सलाह के बाद न सिर्फ विपक्षी दलों ने बल्कि सोशल मीडिया पर आम जनता ने भी पीएम की सलाह का मज़ाक उड़ाया। लोग सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो डाल रहे हैं, जिसमें मोदी की सलाह का मज़ाक बनाया जा रहा है। मोदी ने रविवार को सलाह देने के बाद खुद भी रोड शो किया, जिसमें सौ के करीब वाहन थे। मोदी आने वाले शुक्रवार को सात देशों की विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। बीजेपी के कई नेता 50-50 वाहनों के काफिलों के साथ इधर-उधर घूम रहे हैं।
आईटी यूनियन ने श्रम मंत्री को पत्र लिखा
आईटी उद्योग संगठन नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज़ सीनेट (NITES) ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से आईटी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने का प्रावधान अनिवार्य करने संबंधी सलाह जारी करने का आग्रह किया है। यह आग्रह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम अपनाने की हालिया अपील के बाद किया गया है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे पत्र में NITES ने अनुरोध किया है कि डिजिटल माध्यमों से सेवाएं प्रदान करने वाले क्षेत्रों की कंपनियों को अस्थायी अवधि के लिए "जब तक ऑपरेशन की दृष्टि से संभव हो" घर से काम करने की अनुमति दी जाए। कर्मचारी संगठन का तर्क है कि ऐसा करने से अनावश्यक यात्रा कम होगी, ईंधन की खपत घटेगी और शहरी यातायात जाम में कमी आएगी।
नीति आयोग ने मंत्रालयों से क्या कहा
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार नीति आयोग ने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को भेजी अपनी सिफारिश में कहा है कि लागत में लगातार वृद्धि, आयातित सामग्री पर बढ़ती निर्भरता और वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधान के कारण बड़े पैमाने की निर्माण गतिविधियों को फिलहाल स्थगित कर देना चाहिए। बताया जा रहा है कि दो वर्षों तक निर्माण कार्य रोकने का सुझाव पश्चिम एशिया में युद्ध की गंभीर आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है। इस समय नीति आयोग का काम नए उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी देख रहे हैं। जिन्हें बंगाल चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने चुना था।
निर्माण भवन में काम रोका गया
सूत्रों के अनुसार निर्माण भवन परिसर में ध्वस्तीकरण का काम फिलहाल रोक दिया गया है। इस परिसर में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय स्थित हैं। इसके अलावा उद्योग भवन, जहां एमएसएमई मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय स्थित हैं, वहां पिछले महीने से शुरू की गई प्रारंभिक ध्वस्तीकरण तैयारियों को भी रोका जा सकता है। हाल ही में पूरे परिसर को बैरिकेड कर दिया गया था। इसी तरह शास्त्री भवन, जिसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समेत सबसे अधिक केंद्रीय मंत्रालय स्थित हैं, और उसके साथ स्थित कृषि भवन परिसर, जहां कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और खाद्य मंत्रालय कार्यरत हैं, उनके प्रस्तावित ध्वस्तीकरण को भी फिलहाल रोक दिया गया है।
इतने बड़े स्तर के निर्माण और ध्वस्तीकरण प्रोजेक्ट्स के लिए भारी मशीनरी, गैस कटर, क्रशर, क्रेन, बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री और सबसे महत्वपूर्ण भारी ईंधन खपत की आवश्यकता होती है।
बताया जा रहा है कि होर्मुज समुद्री रास्ते से गुजरने वाले शिपमेंट की आवाजाही प्रभावित होने के कारण ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में बड़े निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों को रोकने की सिफारिश सरकार की संभावित फिजूखर्ची रोकने नीति का हिस्सा मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम को लेकर रोचक मामला
सुप्रिया नाम की एक महिला का पोस्ट सोमवार से सोशल मीडिया पर वायरल है। उन्होंने अपने एचआर विभाग को एक ईमेल भेजा है, जिसमें उन्होंने घर से काम करने के अपने अनुरोध को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील से जोड़ा। सुप्रिया ने एचआर विभाग को लिखे ईमेल में कहा कि वह 10 मई, 2027 तक घर से काम करना जारी रखेंगी और साथ ही यह भी बताया कि उनका यह निर्णय ईंधन की फ्यूल कम करने के राष्ट्रीय प्रयास के समर्थन में है। उन्होंने इसे देश के प्रति अपना योगदान बताया।
उन्होंने ईमेल में लिखा, “आपको सूचित किया जाता है कि मैं अगले एक वर्ष के लिए घर से काम करने की पहल का समर्थन करने के लिए हमारे प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध के अनुसार 10 मई, 2027 तक घर से काम करूंगी। यह मेरे देश के लिए मेरी ओर से न्यूनतम योगदान है। धन्यवाद।” उन्होंने ईमेल का स्क्रीनशॉट भी साझा किया और लिखा, “मैंने देश के लिए अपना फर्ज निभा दिया है… अब आपकी बारी है।”
X पोस्ट ने तुरंत लोगों का ध्यान खींचा और वायरल हो गया। एक यूजर ने मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब देते हुए लिखा, “वाह, आपको तीन महीने की सैलरी का इनाम मिला। इसके तुरंत बाद आपकी सभी सवैतनिक छुट्टियां रद्द कर दी गईं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “प्रिय मोदी जी, कृपया प्रधानमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना को जल्द से जल्द लागू करें।”
HR का जवाब
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैलती चली गई। तब उस कंपनी के एचआर ने हस्तक्षेप किया और जवाब दिया। एचआर विभाग ने लिखा- “दरअसल, हमने आपकी देशभक्ति को और भी आगे बढ़ाने का फैसला किया है। तत्काल प्रभाव से, आप स्थायी रूप से घर से काम करेंगी। हमने आपको सभी कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और उस बेकार की सैलरी से मुक्त कर दिया है, जो स्पष्ट रूप से आपके उन सभी अनावश्यक आने-जाने के खर्चों को पूरा कर रही थी।”