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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मानी ऑक्सीजन की कमी

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह माना है कि ऑक्सीजन, कोरोना टीका और अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है। इससे लोगों की जान बचाने में दिक्क़त हो रही है, पर सरकार कोशिश कर रही है। 

सड़क परिवहन मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने दावा किया है कि कोरोना टीके की कोई कमी नहीं है। और तो और, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी कर दिया है कि ऑक्सीजन की कमी की बात कहने वाले अस्पतालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तो यह भी कहा है कि कोरोना से जुड़ी नकारात्मक बातें करने वालों की जायदाद जब्त कर ली जाएगी। 

यानी सत्तारूढ़ दल बीजेपी और उसके नेता किसी तरह की कोताही की बात से इनकार कर रहे हैं, ऐसे में सड़क परिवहन मंत्री ऑक्सीजन और बिस्तरों की कमी की कह कर सरकार के दावे को खोखला साबित कर दिया है। 

नितिन गडकरी ने नागपुर में एक कोरोना सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि फिलहाल लोगों की जान बचाना ज़रूरी है और हम इस काम में लगे हुए हैं। 
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन यहाँ नहीं थी, पर भिलाई स्टील प्लांट से वह मंगाई जा रही है। इसी तरह पहले ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर नहीं थे, लेकिन टैंकरों का इंतजाम किया जा रहा है। 

ऑक्सीजन की कमी की बात कहने पर होगी कार्रवाई

बता दें कि रविवार को लखनऊ में एक बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने आदेश दिया कि जो अस्पताल ऑक्सीजन की कमी की बात मीडिया से करेगा, उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। 

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों, डिविज़नल कमिश्नरों और पुलिस महानिरीक्षकों को साफ निर्देश दिये हैं कि ऐसे अस्पतालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो जो ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज़ों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर रहे हैं और इस बारें में मीडिया को जानकारी दे रहे हैं। 

उन अस्पतालों को भी नहीं बख्शा जायेगा जो ऑक्सीजन की कमी की वजह से रोगियों की भर्ती नहीं कर रहे हैं या फिर अपने अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं होने का नोटिस चिपका रहे हैं। इसके अलावा इस बात की भी जाँच होगी कि कहीं ऐसे अस्पताल इस तरह की बात कर पैनिक तो नहीं फैला रहे हैं। 
अब सवाल यह है कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है तो मुख्यमंत्री इसे छुपाना क्यों चाहते हैं। 
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