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यूपी में बिना लिखित अनुमति धार्मिक जुलूस नहीं, हलफनामा देना होगा

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि प्रदेश में कोई भी धार्मिक जुलूस बिना लिखित अनुमति के नहीं निकल सकती। उन्होंने लाउडस्पीकर पर भी नए निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के 4 मई तक के अवकाश रद्द कर दिए और सभी को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट करने को कहा।

उन्होंने थाने से लेकर एडीजी स्तर तक के अधिकारियों को अगले 24 घंटों के भीतर धार्मिक नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ संवाद करने का निर्देश दिया, ताकि आगामी त्योहारों के दौरान शांति कायम रखी जा सके।

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लाउडस्पीकर पर निर्देश

योगी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर माइक का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन उसकी आवाज सिर्फ उसी परिसर में सुनाई दे। आसपास के अन्य लोगों को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति नहीं दी जाए। बता दें कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों पर माइक लगाने को लेकर विवाद चल रहा है। मुंबई में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाने के लिए आंदोलन छेड़ा हुआ है। 

बहरहाल, मुख्यमंत्री ने कहा- 

सभी को अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार पूजा की अपनी पद्धति का पालन करने की आजादी है।


-योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

बिना अनुमति जुलूस नहीं

सीएम योगी ने कहा है कि कोई भी धार्मिक जुलूस बिना उचित अनुमति के नहीं निकाला जाना चाहिए। अनुमति देने से पहले, शांति और सद्भाव बनाए रखने के संबंध में आयोजक से एक हलफनामा लिया जाना चाहिए। केवल उन धार्मिक जुलूसों को अनुमति दी जानी चाहिए, जो पारंपरिक हैं। नए कार्यक्रम नहीं दिए जाने चाहिए। आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर एक नागरिक की सुरक्षा सरकार और लोगों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हम सभी को अपनी इस जिम्मेदारी के प्रति सतर्क और सावधान रहना होगा।

शरारती बयान पर कार्रवाई

उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए ताकि हर त्योहार शांति और सद्भाव के साथ हो, उन्होंने शरारती बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया। जो लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। सभ्य समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम और पूजा निर्धारित स्थान पर ही होनी चाहिए और यह तय किया जाना चाहिए कि कोई भी धार्मिक कार्यक्रम ट्रैफिक बाधित करके न हो। यूपी के सीएम के ये आदेश और निर्देश ऐसे समय आए हैं, जब कई बीजेपी शासित राज्यों में साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। जिनमें मध्य प्रदेश और गुजरात प्रमुख हैं। इसी तरह कांग्रेस शासित राजस्थान में भी साम्प्रदायिक हिंसा हुई है। दिल्ली में वैसे तो आम आदमी पार्टी की सरकार है लेकिन दिल्ली में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा को लेकर भी पुलिस और दक्षिणपंथी संगठनों पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। 
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