लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ सकता है। सोमवार को ख़बर आई है कि विपक्षी दल बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि यह क़दम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा सदन की कार्यवाही के तौर तरीक़ों को लेकर भी नाराज़गी है।

यह सब पिछले हफ्ते शुरू हुआ। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अभी तक प्रकाशित न हुई किताब का हवाला दिया। इसमें 2020 में भारत-चीन सीमा विवाद के बारे में कुछ बातें थीं। स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि अप्रकाशित किताब का हवाला नहीं दिया जा सकता। इसलिए उन्होंने राहुल गांधी को आगे बोलने की इजाजत नहीं दी। इससे विपक्ष नाराज हो गया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
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पिछले हफ़्ते लोकसभा ने प्रधानमंत्री के पारंपरिक जवाब के बिना ध्वनि मत से धन्यवाद प्रस्ताव पास कर दिया। इसके अलावा स्पीकर ने 5 फरवरी को कहा था कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट की तरफ जाकर कोई अनोखी हरकत कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने पीएम मोदी से सदन न आने की गुजारिश की ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। कई मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से ख़बर चली थी कि पीएम को ख़तरा था इसलिए उनसे लोकसभा में नहीं आने के लिए गुजारिश की गई। इस बात से भी विपक्ष बहुत ग़ुस्सा हुआ।

फिर से राहुल को बोलने नहीं दिया

लोकसभा में सोमवार को फिर से हंगामा हुआ। राहुल फिर से अपने पुराने बिंदुओं पर बोलने के लिए आए लेकिन फिर से उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने लोकसभा में इतना ही कहा, 'स्पीकर ने हमसे व्यक्तिगत रूप से वादा किया था कि मुझे यहाँ बोलने दिया जाएगा और बजट चर्चा से पहले कुछ पॉइंट्स उठाने दिए जाएंगे। अब आप अपने वादे से पीछे हट रहे हैं, इसलिए मैं जानना चाहता हूँ कि मुझे उन पॉइंट्स पर बोलने दिया जाएगा या नहीं।' और इसके बाद उनको इजाजत नहीं मिली। थोड़ी देर में ही सदन को स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले आज लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने फिर से हंगामा किया। वे भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग कर रहे थे। सवाल-जवाब का समय शुरू होने के सिर्फ 7 मिनट बाद ही स्पीकर ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष से कहा, 'क्या आप सदन को स्थगित करना चाहते हैं? क्या आप काम नहीं करना चाहते? सदन बहस और चर्चा के लिए है। मुद्दे उठाइए, सबको बोलने का मौका मिलेगा, किसी को रोका नहीं जाएगा।'

लेकिन विपक्ष नहीं माना और नारे लगाते रहे। इसके बाद सदन फिर स्थगित हो गया। सोमवार को कोई भी विधायी काम नहीं हो पाया। 8 विधायकों के निलंबन के ख़िलाफ़ भी सांसदों ने परिसर में विरोध -प्रदर्शन किया।
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स्पीकर पक्षपात कर रहे हैं: विपक्ष

विपक्ष का कहना है कि स्पीकर पक्षपात कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं बची है। राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा, जबकि सरकार वाले कुछ भी कह सकते हैं और हम पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर सकते हैं।' कांग्रेस ने कहा है कि कार्रवाई का इंतजार कीजिए। वेणुगोपाल के इस बयान का मतलब भी यह निकाला जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव जैसी कार्रवाई की तैयारी है।

मीडिया रिपोर्टों में भी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि विपक्षी दल इस अविश्वास प्रस्ताव को जल्द ही लोकसभा में लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलने से रोका, कुछ बीजेपी सांसदों को छूट दी और कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना सबूत के आरोप लगाए। कांग्रेस पार्टी की 8 महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिख कर निष्पक्ष रहने की माँग की और कहा कि सरकार के दबाव में न आया करें, आप सबके संरक्षक हैं।
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बता दें कि यह बजट सत्र चल रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया, जो लगातार नौवीं बार है। दोनों सदनों में बजट पर चर्चा होनी है, लेकिन हंगामे की वजह से काम रुक रहा है।

विपक्ष का यह कदम संसद में बढ़ते तनाव को दिखाता है। अब देखना है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है या नहीं। स्पीकर के ख़िलाफ़ ऐसा प्रस्ताव पहले भी कभी-कभी आया है, लेकिन यह दुर्लभ ही होता है।