संसद के बजट सत्र में दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। विपक्ष ने लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। इस पर बहस शुरू हो चुकी है। इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष ने एसआईआर का विरोध किया और वॉकआउट किया।
Modi Government Amit Shah PM CM bill an attempt to scrutinise Opposition CMs
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का दूसरा दिन भी हंगामेदार है। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश हो चुका है। कांग्रेस के सांसद मोहम्मद जावेद ने प्रस्ताव पेश किया। इस पर बहस शुरू हो गई है। इससे पहले राज्यसभा में एसआईआर के विरोध में नारे लगे। विपक्ष ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर कुछ समय के लिए सदन का बहिष्कार भी किया।
सदन में माइक्रोफोन का भी दुरुपयोग हो रहा है: गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के लगभग 200 सदस्य होने के बावजूद, कोई उपसभापति नहीं है और देश को पता होना चाहिए कि इस सदन का संचालन कैसे हो रहा है। गोगोई ने कहा कि सदन में माइक्रोफोन का भी दुरुपयोग हो रहा है। सत्ता पक्ष के सदस्यों को बोलने का मौका दिया जाता है, लेकिन विपक्षी सदस्यों, विशेषकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने के लिए माइक्रोफोन नहीं दिया जाता।
गोगोई ने पूछा- राहुल गांधी को बार-बार क्यों रोका गया
गोगोई ने कहा कि राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते जैसे विभिन्न मुद्दों पर बोलने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। इस पर पाल ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने अध्यक्ष को सौंपे गए अपने भाषण में इन टिप्पणियों का कोई उल्लेख नहीं किया। गोगोई ने उन मुद्दों की सूची पेश की, जिन पर राहुल ने सदन में बोलने का प्रयास किया लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की पुस्तक, एपस्टीन फाइलों और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से जुड़े विवादों का जिक्र किया, जिन्हें गांधी ने सदन में उठाने का प्रयास किया था लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी के दौरान सत्ताधारी दल के सदस्य "स्पष्ट रूप से असहज" दिख रहे थे।
स्पीकर ऑन चेयर जगदंबिका पाल ने कहा कि ये निराधार आरोप हैं, लेकिन गोगोई ने इनका खंडन करते हुए कहा ये मात्र आरोप नहीं हैं, बल्कि विचाराधीन प्रस्ताव है। उनका कहना है कि माइक्रोफोन तक पहुंच न देकर विपक्ष को बोलने से "रोका" जा रहा है। गोगोई ने कहा कि पिछली तीन बार जब लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया, तब सदन में एक उपाध्यक्ष मौजूद थे। लेकिन इस सरकार द्वारा कोई उपाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है।
इससे पहले 9 मार्च को भी ससंद की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने के कारण कोई ठोस कामकाज नहीं हो सका था। विपक्षी दलों ने स्पीकर पर "पक्षपातपूर्ण" व्यवहार का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी को बोलने नहीं देने का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस सहित विपक्षी सांसदों की कुल 118 ने स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि यदि सदन सुचारू रूप से चलता है तो वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे, क्योंकि कल (9 मार्च) बार-बार स्थगन के कारण ऐसा नहीं हो सका। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने पक्षपात दिखाया और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया।
आज लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-2026 के लिए दूसरी खेप की पूरक मांगों (Supplementary Demands for Grants) पर बयान दिया। सदन में नियम 377 के तहत भी चर्चा होने वाली है।
राज्यसभा में एसआईआर पर वॉकआउट
राज्यसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के मुद्दे पर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने कई राज्यों में मतदाता सूची के SIR प्रक्रिया को "धांधली" करार देते हुए चर्चा की मांग की, लेकिन सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सत्र में चुनाव सुधारों पर बहस हो चुकी है और सभी को बोलने का समय मिला था। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे "फ्रॉड" कहा, लेकिन अध्यक्ष ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी और प्लेकार्ड दिखाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने विपक्ष की आलोचना की और कहा कि वे सदन में चर्चा नहीं करने दे रहे हैं।
राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया कि नियमित कार्यवाही स्थगित कर पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हो, क्योंकि वैश्विक शिपिंग मार्गों में अनिश्चितता से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो भारत के व्यापार, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रही हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में भी पूरक मांगों को रखेंगी। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव अपने मंत्रालय के कामकाज पर जवाब देंगे, जबकि ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर भी चर्चा होगी।
पिछले दिन (9 मार्च) लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत शांति और संवाद का पक्षधर है तथा ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी। विपक्ष ने करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और तेल कीमतों के प्रभाव पर जोरदार चर्चा की मांग की थी, जिस कारण स्पीकर हटाने का प्रस्ताव टल गया।
संसद का यह सत्र तीखे आरोप-प्रत्यारोपों के साथ चल रहा है, जिसमें वैश्विक संकट से लेकर घरेलू राजनीतिक मुद्दे तक शामिल हैं। आगे के दिनों में और हंगामे की आशंका है।