loader

मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस रिहा करे: प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया

प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया ने मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ्तारी की निंदा की है। इसके साथ ही इसने कहा है कि दिल्ली पुलिस ज़ुबैर को रिहा करे।

प्रेस क्लब ने कहा है कि यह विडंबना है कि ज़ुबैर की गिरफ़्तारी तब हुई है जब भारत अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा करने के लिए चार अन्य देशों के साथ जी7 में शामिल हुआ है। इसमें नागरिक समाज के लोगों की स्वतंत्रता, विविधता की रक्षा और ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरह से राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया है।

बता दें कि 'ऑल्ट न्यूज़' के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस ने धारा 153 यानी दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने और 295ए यानी धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ऑल्ट न्यूज़ के ही एक और सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने सोमवार रात को बयान जारी कर कहा कि ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस ने 2020 के एक मामले में जाँच के लिए बुलाया था जिसमें हाई कोर्ट से उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है। उन्होंने बयान में आगे कहा कि उन्हें दूसरी एफ़आईआर में गिरफ़्तार किया गया है। 

फ़ैक्ट-चेक करने वाले न्यूज़ पोर्टल ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस ने 2018 के एक ट्वीट के संबंध में कार्रवाई की।

ताज़ा ख़बरें

दिल्ली पुलिस की इसी कार्रवाई पर प्रेस क्लब ने कहा है कि ऑल्ट न्यूज़ फ़ेक न्यूज़ के जंगल को ख़त्म करने के लिए एक बेहद अहम काम कर रहा था। इसमें यह भी सवाल उठाया गया है कि यह भी समझ से परे है कि एक पोस्ट पर वर्षों बाद कार्रवाई की जा रही है। 

इससे पहले एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने ज़ुबैर की गिरफ्तारी की निंदा की है। गिरफ़्तारी के वक़्त के घटनाक्रमों को गिल्ड ने विचित्र क़रार दिया है। गिल्ड ने एक बयान जारी कर कहा है, 'एक विचित्र घटनाक्रम में जुबैर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा 2020 के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसके लिए उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ पहले से ही सुरक्षा मिली हुई थी।' बयान में आगे कहा गया है कि जब ज़ुबैर ने समन का जवाब दिया तो उन्हें इसी महीने पहले शुरू की गई एक आपराधिक जाँच के संबंध में गिरफ्तार कर लिया गया। वह भी तब जब एक गुमनाम ट्विटर हैंडल ने आरोप लगाया था कि जुबैर की 2018 की पोस्ट धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही थी।

देश से और ख़बरें

'ऑल्ट न्यूज़' के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस ने धारा 153 यानी दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने और 295ए यानी धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ऑल्ट न्यूज़ के ही एक और सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने सोमवार रात को बयान जारी कर कहा कि ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस ने 2020 के एक मामले में जाँच के लिए बुलाया था जिसमें हाई कोर्ट से उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है। उन्होंने बयान में आगे कहा, 'हालाँकि आज (सोमवार) क़रीब 6:45 बजे हमें बताया गया कि उन्हें कुछ दूसरी एफ़आईआर में गिरफ़्तार कर लिया गया है जिसके लिए उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया जो कि क़ानून की धाराओं के तहत ज़रूरी है। बार-बार अनुरोध के बावजदू हमें एफ़आईआर की कॉपी भी नहीं दी गई।'

इसी गिरफ़्तारी को लेकर जारी बयान में एडिटर्स गिल्ड ने कहा है, 'जुबैर को भारतीय दंड संहिता की धारा 153 और 295 के तहत गिरफ्तार किया गया है।' इसने आगे कहा, 'यह बेहद परेशान करने वाला है क्योंकि जुबैर और उनकी वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ ने पिछले कुछ वर्षों में फर्जी समाचारों की पहचान करने और दुष्प्रचार अभियानों का मुकाबला करने के लिए बहुत ही उद्देश्यपूर्ण और तथ्यात्मक तरीक़े से कुछ अनुकरणीय कार्य किया है।'

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें