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अब ग़रीबों को नवंबर तक मिलेगा मुफ़्त अनाज: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘गांवों में श्रमिकों को रोज़गार देने के लिए प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान तेज़ गति से आरंभ कर दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि आने वाले समय में त्योहारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार नवंबर तक के लिए कर दिया गया है। इसके तहत ग़रीब परिवारों को 5 किलो चावल या गेहूं और 1 किलो दाल भी मुफ़्त दी जाती है। मोदी सरकार का दावा है कि इस योजना से 80 करोड़ ग़रीबों को लाभ मिला है। 

मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार में 90 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा ख़र्च होंगे और इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो यह लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये हो जाता है।’

लोकल के लिए वोकल हों 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम अपने प्रयासों को और तेज करेंगे। हम ग़रीबों, वंचितों को सशक्त करने के लिए निरंतर काम करेंगे। हम सारे एहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन-रात एक करेंगे। हम सब लोकल के लिए वोकल होंगे।’ उन्होंने कहा कि इस संकल्प के साथ हम सभी को काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है। 
मोदी ने कहा, ‘अब पूरे भारत के लिए एक राशन कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है। एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड का सबसे बड़ा लाभ उन ग़रीब साथियों को मिलेगा जो रोज़गार या दूसरे कारणों से अपना गांव छोड़कर दूसरे राज्य में जाते हैं।’

मोदी ने कहा कि ग़रीब, ज़रूरतमंद को सरकार जो अनाज दे रही है, उसका श्रेय हमारे किसानों और ईमानदार टैक्स पेयर्स को जाता है। 

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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो भारत संभली स्थिति में है। लॉकडाउन और तमाम फ़ैसलों के कारण लाखों लोगों का जीवन सुरक्षित हुआ है। लेकिन हम देख रहे हैं कि जब से अनलॉक-1 हुआ है, लापरवाही बढ़ती जा रही है।’ 

मोदी ने कहा, ‘पहले हम मास्क को लेकर, दो गज की दूरी को लेकर, हाथ धोने को लेकर बेहद सतर्क थे, लेकिन अब लापरवाही बढ़ती जा रही है। लॉकडाउन के दौरान गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था। अब हमें फिर से पहले की तरह सतर्कता दिखाने की ज़रूरत है और कंटेनमेंट ज़ोन पर विशेष ध्यान देना होगा।’ 

उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने वालों को हमें रोकना होगा, टोकना होगा और समझाना भी होगा। 

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अंत में प्रधानमंत्री से कहा कि हम सभी को मास्क लगाना है, दो गज की दूरी का पालन करना है और कोई लापरवाही नहीं करनी है। 

कोरोना काल के दौरान भी प्रधानमंत्री कई बार देश को संबोधित कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर भारतीय सीमाओं में किसी के न घुसे होने की बात कही थी। उनके इस बयान पर ख़ासा विवाद हुआ था। चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर देश का सियासी माहौल इन दिनों बेहद गर्म है। 

प्रधानमंत्री जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन और 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के मसले पर भी देश को संबोधित कर चुके हैं। इसके अलावा वह अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिये भी लोगों तक अपना संदेश पहुंचाते रहते हैं। 

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