राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के शो के रद्द होने तक पहुंच गया है। पुलकित मणि ने नोएडा, लखनऊ और कानपुर में अपने शो रद्द करने की घोषणा की है। उन्होंने पहले नोएडा का शो रद्द करने की जानकारी दी जिसके लिए उन्होंने ‘अनपेक्षित परिस्थितियों’ का हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने लखनऊ और कानपुर के शो भी रद्द होने की जानकारी दी और दावा किया कि उन्हें लगातार ‘गून एक्टिविस्ट’ से धमकियाँ मिल रही थीं। हालाँकि, उन्होंने इसकी ज़्यादा जानकारी नहीं दी कि ये धमकियाँ किस तरह की हैं और धमकियाँ देने वाले लोग कौन हैं।

मणि ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। यह विवाद 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मणि की प्रस्तुति के बाद शुरू हुआ था। कार्यक्रम में मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और हावभाव की मिमिक्री की थी। इस दौरान राहुल गांधी भी मंच पर उनके साथ मौजूद थे।
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पहले नोएडा का शो रद्द किया

पुलकित मणि ने सबसे पहले इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए नोएडा में होने वाला अपना शो रद्द करने की जानकारी दी। उन्होंने दर्शकों से माफी मांगते हुए कहा कि शो को ‘अनपेक्षित परिस्थितियों’ के कारण रद्द करना पड़ रहा है। उस शुरुआती पोस्ट में उन्होंने धमकियों का विस्तार से ज़िक्र नहीं किया था। इसके बाद एक और इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने बताया कि लखनऊ और कानपुर के शो भी रद्द कर दिए गए हैं। मणि ने इसके लिए लगातार मिल रही कथित धमकियों को वजह बताया। उन्होंने लिखा कि उन्हें ‘गून एक्टिविस्ट’ से बार-बार धमकियां मिल रही थीं।

हालांकि, उन्होंने यह साफ़ नहीं किया कि ये धमकियां किस व्यक्ति या संगठन की ओर से आईं, किस माध्यम से दी गईं या पुलिस में इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं।

विवाद की शुरुआत 19 सितंबर को इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से हुई। इस कार्यक्रम का फोकस छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर था। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े सवालों को उठाया था। इसी दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि उनके साथ मंच पर आए।

मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली में बोलते हुए एक हास्य प्रस्तुति दी। इसमें प्रधानमंत्री के कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों और विदेशी नेताओं के साथ उनकी बातचीत के संदर्भ भी शामिल थे। प्रस्तुति में एक बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने से जुड़ी घटना का भी संदर्भ आया। मणि ने मिमिक्री के दौरान ‘मां को कुर्सी दो, मां’ लाइन दोहराई। इस प्रस्तुति के दौरान राहुल गांधी हंसते हुए दिखाई दिए। कार्यक्रम का वीडियो कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह हिस्सा तेजी से वायरल हुआ।

बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला बोला

मिमिक्री के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को ‘असंस्कारी नाराज फूफा’ कहते हुए उनके कार्यक्रम की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का नाम बार-बार ‘सस्ते राजनीतिक थिएटर’ में खींचा जा रहा है और राहुल गांधी को ‘आईना देखने’ की ज़रूरत है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को ‘कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी’ जैसी भाषा में संबोधित किया और राहुल गांधी की आलोचना की। बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने भी मिमिक्री को लेकर सवाल उठाए और राहुल गांधी से माफी की मांग की।
बीजेपी नेताओं की आपत्ति खास तौर पर उस हिस्से को लेकर रही जिसमें मोदी और एक बुजुर्ग महिला से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रम का संदर्भ इस्तेमाल किया गया था। कुछ बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री की दिवंगत मां से जोड़कर भी आलोचना की।

योगी आदित्यनाथ ने भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिना राहुल गांधी का नाम लिए इंदौर के कार्यक्रम पर टिप्पणी की। उन्होंने इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया और कहा कि इस तरह का व्यवहार ‘नारी शक्ति’ का अपमान है।

योगी आदित्यनाथ ने उस घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि किसी सभ्य व्यक्ति को महिला, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति को पहले कुर्सी देनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर ऐसे मूल्यों की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारत और ‘भारतीयता’ का अपमान करना चाहते हैं वे समाज में भ्रम और अराजकता पैदा करते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी राहुल गांधी के कार्यक्रम की आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार को ‘बेहद शर्मनाक’ और ‘निंदनीय’ बताया। यादव ने आरोप लगाया कि इस तरह की प्रस्तुति से युवाओं के बीच गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिलाओं के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि मोदी की इस तरह मिमिक्री करना माताओं का अपमान है। उन्होंने इस विवाद को आने वाले नवरात्रि पर्व से भी जोड़ा।
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कांग्रेस ने कहा- मुद्दा छात्रों का है

दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने विवाद को प्रधानमंत्री की मिमिक्री तक सीमित रखने के बजाय ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उठाए गए छात्र मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने उस कार्यक्रम में छात्रों को प्रभावित करने वाली व्यवस्था और उनकी समस्याओं को सामने रखा।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस ने देश की संस्थाओं पर नियंत्रण कर लिया है और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है। जयराम रमेश ने कहा कि छात्र सवाल पूछते हैं और जवाबदेही की मांग करते हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी के छात्रों के साथ खड़े होने से छात्रों के बीच डर कम हुआ है।

पुलकित मणि कौन हैं?

पुलकित मणि स्टैंड-अप कॉमेडी और राजनीतिक व्यंग्य के लिए जाने जाते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वे सार्वजनिक हस्तियों और नेताओं की मिमिक्री करते रहे हैं। उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके इंस्टाग्राम पर करीब 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए गए हैं।

इंदौर का कार्यक्रम पुलकित के लिए पहली राजनीतिक मिमिक्री नहीं था। हालांकि, राहुल गांधी जैसे प्रमुख विपक्षी नेता के साथ मंच साझा करते हुए प्रधानमंत्री की मिमिक्री किए जाने के कारण इस प्रस्तुति ने ज्यादा राजनीतिक ध्यान खींचा।

इंदौर के कार्यक्रम के बाद विवाद दो अलग-अलग मुद्दों पर सामने आया। पहला मुद्दा था कि क्या किसी राजनीतिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मिमिक्री करना उचित है? दूसरा और ज्यादा गंभीर सवाल अब यह है कि क्या राजनीतिक व्यंग्य करने वाले किसी कलाकार को धमकियों के कारण अपने कार्यक्रम रद्द करने पड़ने चाहिए?

पहले मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के समर्थकों के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक व्यवहार बताया है, जबकि कांग्रेस की ओर से इसे हास्य और राजनीतिक व्यंग्य का हिस्सा बताया गया है।
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शो रद्द होने का असर

तीनों शहरों के शो रद्द होने से यह मामला राजनीतिक विवाद से निकलकर कलाकारों की सुरक्षा और राजनीतिक व्यंग्य की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल तक पहुंच गया है। भारत में स्टैंड-अप कॉमेडी और राजनीतिक व्यंग्य में नेताओं की मिमिक्री लंबे समय से हास्य का हिस्सा रही है। लेकिन सोशल मीडिया के दौर में ऐसे वीडियो तेजी से व्यापक दर्शकों तक पहुंचते हैं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तुरंत सामने आती हैं।

मणि के मामले में भी इंदौर की प्रस्तुति के वीडियो को कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उसके बाद बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाएं आईं और अब कलाकार ने उत्तर प्रदेश में अपने तीन शो रद्द करने की जानकारी दी है। यदि किसी कलाकार को राजनीतिक प्रस्तुति के बाद वास्तव में धमकियां मिली हैं तो यह कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दोनों से जुड़ा मामला बनता है।