Rahul Gandhi vote Chori Ayog- देश में तीसरे चरण के एसआईआर में 6 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम कट गए। सबसे ज्यादा दिल्ली और महाराष्ट्र में नाम कटे। इसी पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वोट चोरी की याद दिलाई।
राहुल गांधी वोट चोरी के आयोग लंबे समय से लगा रहे हैं
SIR के तहत तीसरे चरण में 6 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम उड़ा दिए गए। महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.07 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए। दिल्ली में सबसे ज्यादा 32.7 फीसदी नाम हटा दिए गए। इसके बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग और BJP पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। हालांकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए नामों को अंतिम रूप से हटाए गए मतदाता नहीं माना जाना चाहिए। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिया गया है।
चुनाव आयोग को वोट चोरी आयोग क्यों कहा
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग को ‘वोट चोरी आयोग’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग अपनी रणनीति बदलते रहते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य एक ही है- किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत और भारत के लोकतंत्र का अंत। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के साथ पश्चिम बंगाल का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे। राहुल ने इसे पहले भी ‘वोट चोरी’ बताया था और कहा कि आज भी उनका यही आरोप है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए नामों का भी उल्लेख किया। राहुल के मुताबिक, वहां हटाए गए नामों में से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद दोबारा बहाल करने पड़े। उनका दावा था कि इसका मतलब है कि 10 में से करीब नौ नाम गलत तरीके से हटाए गए थे और चुनाव के बाद उन्हें वापस जोड़ा गया।
महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं
महाराष्ट्र में SIR से पहले मतदाता सूची में 9,78,54,049 मतदाता दर्ज थे। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में इनमें से 7,71,65,562 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इस तरह 2,06,88,487 मतदाता, यानी कुल पुराने मतदाताओं के 21.14 प्रतिशत, फिलहाल ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाताओं में: 3,95,89,905 पुरुष, 3,75,72,570 महिलाएं और 3,087 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।राहुल गांधी ने इसी आंकड़े को आधार बनाते हुए सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 9.29 करोड़, विधानसभा चुनाव में करीब 9.7 करोड़ मतदाता थे, जबकि SIR के बाद ड्राफ्ट सूची में यह संख्या करीब 7.78 करोड़ रह गई है। उन्होंने पूछा- इनमें से कौन-सी मतदाता सूची सही थी?
किन कारणों से नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुए?
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक 2.07 करोड़ मतदाताओं के Enumeration Forms यानी गणना प्रपत्र एकत्र नहीं हो सके। इन्हें अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इनमें शामिल हैं: 75.52 लाख- अनुपस्थित या दिए गए पते पर नहीं मिले, 76.80 लाख- स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए, 34.81 लाख- मृत घोषित, 17.63 लाख- दूसरी जगह पहले से पंजीकृत या डुप्लीकेट 2.23 लाख- अन्य श्रेणी। चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि इन श्रेणियों में शामिल होना अपने-आप में किसी मतदाता का अंतिम रूप से नाम काट दिया जाना नहीं है। उदाहरण के लिए, किसी मतदाता का नाम एक से अधिक जगह होने पर एक स्थान से हटाया जा सकता है, लेकिन वह दूसरी जगह वैध मतदाता के रूप में दर्ज रह सकता है।पुणे, ठाणे और मुंबई में सबसे ज्यादा नाम बाहर
ड्राफ्ट सूची में नाम शामिल नहीं किए जाने के मामले में महाराष्ट्र के बड़े शहरी जिलों में संख्या सबसे ज्यादा रही। पुणे में 28,66,481 मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए। इसके बाद: ठाणे: 28,59,377, मुंबई उपनगर: 26,58,202, नागपुर: 14,43,267, नासिक: 10,27,792 और मुंबई शहर: 9,50,720, पुणे, ठाणे और मुंबई उपनगर में ही कुल 83,84,060 नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुए, जो राज्य में इस श्रेणी के कुल मामलों का करीब 40.5 प्रतिशत है।देशभर में SIR पर बढ़ी राजनीतिक बहस
महाराष्ट्र का आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब SIR के तीसरे चरण में कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में बड़ी संख्या में नाम शामिल नहीं किए गए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, तीसरे चरण में अब तक 17 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट सूचियां सामने आई हैं और महाराष्ट्र तथा दिल्ली में क्रमशः करीब 21.1 प्रतिशत और 32.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।