राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। आमने-सामने की बहस की। मुद्दा रखा है- देशद्रोही कौन? विदेशी ताक़तों से कनेक्शन किसका है? राहुल ने कहा कि मोदी किसी भी मंच और जगह पर बहस के लिए तैयार हों। उन्होंने अमेरिकी डील, वित्तीय व्यवस्था, अडानी केस और एपस्टीन से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने की बात कही। राहुल ने यह भी पूछा कि विदेशी कनेक्शन के आरोप पर मोदी ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल की चुनौती पर तंज कसते हुए कहा कि बड़े स्तर की बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच विदेशी कनेक्शन और देशद्रोह के आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव तेज होने के बीच राहुल गांधी ने कहा कि इस बहस के लिए प्रधानमंत्री अपनी पसंद का मंच और जगह चुन सकते हैं। दोनों पक्षों के सामने मीडिया और देश के युवा मौजूद रहें।

'24 घंटे हो गए मोदी जी, डरिए मत'

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को देशद्रोही बताने वाले प्रधानमंत्री को अब इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। राहुल गांधी ने लिखा, '24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पर आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ। देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत।'
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राहुल ने कहा कि बहस में दोनों नेता आमने-सामने बैठेंगे। मीडिया और देश के युवा भी वहां मौजूद होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद के व्यक्ति को जज बना सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा, 'जिसको आप जज बनाना चाहते हो, बना दो। मोहन भागवत जी को बिठा दो, चलो। और फिर डिबेट करते हैं।' राहुल की चुनौती का मुख्य मुद्दा यह है कि प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष पर विदेशी मदद लेकर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हैं, जबकि राहुल गांधी खुद प्रधानमंत्री के विदेशी कनेक्शन को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

US डील, अडानी केस, एपस्टीन...

राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री उनके साथ खुली बहस के लिए आते हैं तो कई अहम मुद्दों पर सवाल पूछे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बहस में वित्तीय व्यवस्था और देश के वित्तीय ढाँचे पर चर्चा होगी। राहुल ने अमेरिकी डील को लेकर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी के मुताबिक़ बहस में इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए-
  • वित्तीय सिस्टम और देश का वित्तीय ढांचा।
  • अमेरिका के साथ डील कैसे हुई और क्यों हुई?
  • अमेरिकी डील इतनी जल्दी क्यों की गई?
  • प्रधानमंत्री ने यह डील अकेले क्यों की और कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी?
  • अडानी केस बंद क्यों हुआ?
  • एपस्टीन से जुड़े मुद्दे और अन्य सवाल।
राहुल गांधी ने कहा, 'ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसपे खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत। दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उन पर आरोप लगाते हैं, इसलिए उन्हें सामने आकर सभी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

'विदेशी कनेक्शन पर मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं?'

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से यह भी पूछा कि यदि उनके विदेशी कनेक्शन वाले आरोप गलत हैं, तो प्रधानमंत्री उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं करते। राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में मानहानि के मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ करीब 45 मानहानि के मामले हैं। राहुल ने कहा, 
बाकी चीजों पर आपने अवमानना केस लगा रखा है, शायद 45 अवमानना केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट मामले पर, विदेशी कनेक्शन पर आप अवमानना नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहाँ भी डिस्कस करेंगे, खुल कर।
राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि विदेशी कनेक्शन के आरोप पर भी मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा हो सके। उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत दिवाली की शुभकामनाओं के साथ किया और लिखा, 'हैप्पी दिवाली, मोदी जी।'

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर कसा तंज

राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि शीर्ष स्तर की बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है। उन्होंने राहुल गांधी की चुनौती का मजाक उड़ाते हुए उनकी तुलना अलग-अलग समूहों से की।
रिजिजू ने लिखा, 'यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडे थामें, और अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं।' रिजिजू ने आगे कहा कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले लोग दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाकर खुद का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की चुनौती को स्वीकार करने या प्रधानमंत्री मोदी के बहस में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।

पीएम मोदी ने विपक्ष को बताया था 'अवरोध पक्ष'

राहुल गांधी की चुनौती से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया था। शनिवार को गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जब देश बाहरी चुनौतियों का समाधान तलाश रहा था, तब देश के भीतर कुछ ताकतें झूठ और अफवाहें फैलाकर अस्थिरता पैदा कर रही थीं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के लोगों ने राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का काम किया।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा था, 'यह हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विपक्ष विरोध पक्ष के बजाय अवरोध पक्ष बन गया है।' प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया था कि विपक्ष अपनी निराशा में देश के विकास के रास्ते में बाधा बन रहा है। उन्होंने कहा था कि यह विरोध नहीं, बल्कि अवरोध है। मोदी के इसी बयान के बाद राहुल गांधी ने विपक्ष को देशद्रोही बताने और विदेशी मदद के आरोपों पर खुली बहस की चुनौती दी।

विदेशी मदद, देशद्रोह पर टकराव

राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच यह विवाद तब सामने आया है, जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर देश में अफवाहें फैलाने और विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया है। वहीं राहुल गांधी ने विदेशी कनेक्शन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी है। राहुल गांधी का कहना है कि यदि विपक्ष को देशद्रोही कहा जा रहा है तो इस आरोप पर सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। उन्होंने अमेरिकी डील, वित्तीय ढांचे, अडानी केस और एपस्टीन से जुड़े मुद्दों को बहस में शामिल करने की बात कही है। इधर, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की चुनौती को परिपक्वता के सवाल से जोड़ते हुए उनका मजाक उड़ाया है। फिलहाल राहुल गांधी की चुनौती और रिजिजू के पलटवार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।