कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज सोमवार 26 अक्टूबर को जवाब दिया। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। राहुल गांधी ने व्यापारियों के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने मेट्रो सेवाएं बंद करके, सड़कों को सील करके और राजधानी में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा करके कारोबार को प्रभावित किया है। राहुल गांधी ने इन पाबंदियों को अपने ‘वोट चोरी’ के आरोपों से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस उनकी परेशानियों को समझती है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर ‘आरोपी नंबर चार’ कहे गए ज्ञानेश कुमार को पद से हटा दें, तो विरोध-प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे।

राहुल गांधी का व्यापारियों के नाम संदेश

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दिल्ली के व्यापारियों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि उनकी चिंताओं को सुना जा रहा है। उनके संदेश का मुख्य जोर इस बात पर था कि राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और प्रशासनिक पाबंदियों का असर आम व्यापारियों, उनकी दुकानों और आजीविका पर पड़ रहा है।
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उन्होंने अपने संदेश में कहा: “दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं और आपकी बात सुन रहे हैं।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने मेट्रो बंद की, सड़कों को सील किया और राजधानी को बंद जैसी स्थिति में पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी हुई है, तो किसी की दुकान, बचत और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा होने पर प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे। 
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के व्यापारियों ने पहले भी राहुल गांधी और कांग्रेस से विरोध-प्रदर्शन रोकने या स्थगित करने की अपील की थी। उनका कहना था कि प्रदर्शनों के कारण बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है और कई व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं। व्यापारियों की यह चिंता ऐसे समय सामने आई है, जब दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक विरोध के साथ-साथ बाजारों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को लेकर भी बहस चल रही है।

1 नवंबर की रैली स्थगित करने की मांग

दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली को स्थगित करने की अपील की। यह रैली 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होनी है। संगठन ने आशंका जताई कि रैली के कारण दीपावली से पहले खरीदारी के सबसे महत्वपूर्ण दौर में कारोबार प्रभावित हो सकता है। CTI के मुताबिक, प्रदर्शन के चलते व्यापार को लगभग 10,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की आशंका है। व्यापारियों ने कहा कि त्योहारों से लगभग एक सप्ताह पहले बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और खरीदारी बढ़ने लगती है। ऐसे समय में बड़े राजनीतिक आयोजनों और सड़क बंद होने जैसी स्थितियों से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस और दीपावली के लिए खरीदारी लगभग एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती है। दिल्ली में सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, सूखे मेवे, मिठाइयां, ऑटोमोबाइल, वाहन, संपत्ति और उपहारों सहित विभिन्न क्षेत्रों में धनतेरस से संबंधित कारोबार लगभग 25,000 करोड़ रुपये का है। CTI ने अपने पत्र में इस व्यापार को दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। संगठन की चिंता है कि त्योहारों से ठीक पहले होने वाली रैली और उससे जुड़ी यातायात संबंधी बाधाएं कारोबारियों के लिए भारी मुश्किलें पैदा कर सकती हैं।

3,000 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा

CTI के प्रतिनिधि गोयल के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि व्यापारियों को अक्टूबर में पहले ही लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। संगठन ने इस नुकसान के लिए रैलियों, मार्च और सड़क बंद होने से पैदा हुई बाधाओं को जिम्मेदार बताया। रिपोर्ट में विशेष रूप से कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के इलाकों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, 3,000 करोड़ रुपये के नुकसान का यह आंकड़ा व्यापारियों के संगठन का दावा है। उन्होंने इसे साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किये।

चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन और कारोबार के बीच टकराव

दिल्ली में मौजूदा विवाद के दो प्रमुख पहलू सामने आ रहे हैं। एक तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी तरफ व्यापारी संगठनों का कहना है कि विरोध-प्रदर्शनों, यातायात प्रतिबंधों और बाजार बंद होने जैसी परिस्थितियों का आर्थिक नुकसान उन्हें उठाना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने व्यापारियों के प्रति समर्थन जताते हुए सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। वहीं, व्यापारियों की मांग है कि त्योहारों के महत्वपूर्ण कारोबारी मौसम में ऐसे कार्यक्रमों के समय और उनके प्रभाव पर विचार किया जाए।

मोदी सरकार की ज़िद

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। चुनाव आयोग को दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने ज्ञानेश के खिलाफ खुलकर विद्रोह किया लेकिन मोदी सरकार ने ज्ञानेश को बचाने में पूरी ताकत और सरकारी मशीनरी लगा दी है। 1 नवंबर की रामलीला मैदान की रैली ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर होने वाली है। विपक्ष का आरोप है कि अब बीजेपी अपने समर्थक व्यापारियों की आड़ लेकर ज्ञानेश कुमार विरोधी मुहिम को रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।