लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करने पर छात्रों को पीटा गया, धमकाया गया और निशाना बनाया गया; उन्होंने परीक्षा के पेपर लीक होने को भारत के भविष्य के साथ धोखा बताया।
राहुल गांधी ने प्रोटेस्टरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मोदी-शाह पर किया हमला।
छात्र आंदोलन में कथित पुलिस प्रताड़ना झेलने वाले छात्रों को लेकर राहुल गांधी बुधवार को पत्रकारों के सामने आए और उनका उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल विभिन्न राज्यों के छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करना कोई अपराध नहीं है, लेकिन छात्रों को उनकी आवाज उठाने के कारण पीटा गया, धमकाया गया और प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं ने हिंसा और यातना झेलने के बावजूद अपनी बात रखने का जितना साहस दिखाया, उतनी हिम्मत देश के शीर्ष नेतृत्व में नहीं है।
राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं की बातें सुनीं और उनकी परेशानियों को समझा। उन्होंने कहा, 'मैं सबसे पहले इन छात्रों और देशभर के उन हजारों युवाओं का धन्यवाद करना चाहता हूँ जिन्होंने संविधान, शिक्षा व्यवस्था और भारत के भविष्य के लिए आवाज उठाई।' राहुल ने कहा कि छात्रों ने उन्हें बताया कि उन्होंने किसी के ख़िलाफ़ हिंसा नहीं की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया गया।
'युवाओं ने हिंसा नहीं की, फिर भी उन्हें पीटा गया'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवा और छात्र केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली की खामियों पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा, 'उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया, कोई हिंसा नहीं की। फिर भी उन्हें लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा, पीटा गया और धमकाया गया।' उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियां हो रही हैं। ऐसे में छात्रों का सवाल उठाना पूरी तरह जायज है।
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा, 'खराब, टूटती हुई और बेकार होती शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना अपराध नहीं है। बल्कि इस व्यवस्था को बदलने और सुधारने की जरूरत है। छात्र सिर्फ यही मांग कर रहे थे।' उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
प्रोटेस्ट करने वालों की प्रताड़ना जारी
राहुल गांधी के साथ मीडिया से बात करने आईं मुंबई की रिया अहीर ने कहा, "मैं वही लड़की हूं- जिसने मुंबई में पुलिस की वैन को रोका था और अब मेरे बारे में कई नैरेटिव चलाए जा रहे हैं। मैंने 20 बच्चों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने से रोका था।"
अब मुझे हैरेस किया जा रहा है, जो कि क्राइम है। मैंने 27 जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन आज 5 अगस्त है और अब तक FIR नहीं हुई है। हालांकि, मुझे खुशी है कि मैं जिन युवाओं के लिए खड़ी हुई, आज वे मेरे साथ खड़े हैं। मुंबई की प्रोटेस्टर रिया अहीर
मुस्कान शर्मा नाम की एक अन्य युवती ने कहा, "जब मैं शांति से चल रही थी तो पुलिस ने मुझे क्यों मारा? ये रूल है कि एक मेल ऑफिसर किसी लड़की को नहीं मार सकता, तो एक पुरुष RAF ऑफिसर ने मुझे कैसे मारा? उसने मेरे कूल्हों पर डंडा मारने की कोशिश क्यों की? उस ऑफिसर को जिसने भी ऐसा करने का ऑर्डर दिया था, अगर वो माफी मांग ले, तो मुझे खुशी होगी।"
नूतन टोप्पो नाम की एक अन्य छात्रा ने कहा, "मैंने खुद देखा था कि हमारी तरफ पैलेट गन लगाकर रखी गई थी। मेरे पीछे मुड़ते ही गन फायर कर दिया गया, जिससे मुझे चोट आई थी। इसके बावजूद मुझे जब भी अन्याय के खिलाफ लड़ने का मौका मिलेगा, मैं जरूर लड़ूंगी।"
फराह नाज़ नाम की छात्रा ने कहा, "हम 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उसी दौरान पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज किया। उसके बाद पुलिस ने हमें हिरासत में रखा और हमें देशद्रोही कहा गया। लेकिन कोई कुछ भी सोचे, हम देश और अपने हक के लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे।"
भारत बनाईत नाम के छात्र ने कहा, 'हमने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, तो हमारे साथ इतनी बर्बरता की गई, अगर अमित शाह का इस्तीफा मांग लिया होता, तो शायद गोली मार दी जाती।'
'युवाओं में बोलने की हिम्मत है, मोदी-शाह में नहीं'
राहुल गांधी ने कहा कि जिन छात्रों ने पुलिस कार्रवाई, धमकियों और प्रताड़ना के बावजूद मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी, उन्होंने असली साहस दिखाया है। उन्होंने कहा, 'ये युवा भारत की प्रेस के सामने खड़े होकर अपनी बात कह रहे हैं। लेकिन अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में यहां आकर जवाब देने की हिम्मत नहीं है।' उन्होंने कहा कि इन युवाओं का सामने आना आसान नहीं था क्योंकि वे लगातार उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को छात्र आंदोलन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,जिस व्यक्ति ने इस हिंसा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए, वह अमित शाह हैं। अगर उन्हें पता नहीं था कि बच्चों पर ऐसी कार्रवाई हो रही है, तो वे अयोग्य हैं। और अगर उन्होंने आदेश दिया था, तो वे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। दोनों ही स्थितियों में जिम्मेदारी उन्हीं की बनती है। राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री संसद में आकर इस मामले पर बयान देने से बच रहे हैं।
'15 साल की बच्ची से माफी मंगवाना गलत'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल एक 15 वर्षीय छात्रा पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा, 'पहले छात्रों के घर लोगों को भेजा गया, फिर एक 15 साल की लड़की से जबरन माफी मंगवाई गई। यह पूरी तरह गलत है और हम इसे स्वीकार नहीं करते।' उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने कुछ गलत नहीं किया, उनसे माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।पेपर लीक पर भी सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने कहा कि देश में बार-बार परीक्षा के पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सबसे बड़ी मांग यही है कि परीक्षा प्रणाली पारदर्शी बने और पेपर लीक की घटनाएँ पूरी तरह बंद हों। उन्होंने कहा, 'हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो सही तरीक़े से काम करे। हम चाहते हैं कि पेपर लीक बंद हो और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा की जाए।'
राहुल गांधी ने कहा कि इन छात्रों ने केवल अपने अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि देश के हजारों युवाओं ने यह दिखाया है कि वे अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना चाहिए।