कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और राहुल गांधी के भांजे रेहान राजीव वाड्रा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस प्रशासन पर अपनी फोटो प्रदर्शनी से हालिया विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें हटवाने का आरोप लगाया है। रेहान के मुताबिक, उनकी एकल प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ (No Idea Is Final) शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाने को कहा। इन तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई को दर्ज किया गया था।
रेहान ने दावा किया कि प्रबंधन ने तस्वीरों की राजनीतिक प्रकृति पर आपत्ति जताई और भारतीय तिरंगे की तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा। उन्होंने तिरंगे की तस्वीर हटाने से इनकार करते हुए कहा कि वह भारतीय झंडे की तस्वीर नहीं हटाएंगे। इस मामले पर प्रियंका गांधी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि देश में युवाओं की आवाज दबाई जा रही है।

प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाने का आरोप

रेहान वाड्रा के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी प्रदर्शनी में शामिल विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों के ‘राजनीतिक स्वरूप’ पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को शाम करीब छह बजे उनसे संपर्क किया और तस्वीरें हटाने का अनुरोध किया। रेहान का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और तस्वीरों के प्रदर्शन की रूपरेखा काफी पहले प्रबंधन को दे दी थी। इसके बावजूद उद्घाटन से 24 घंटे से भी कम समय पहले लगभग आधी कलाकृतियां हटाने के लिए कहा गया।
ताज़ा ख़बरें
समाचार एजेंसी पीटीआई और द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को प्रदर्शनी से 105 में से 70 से अधिक तस्वीरें हटाई गईं। द प्रिंट की रिपोर्ट में हटाई गई तस्वीरों की संख्या 75 बताई गई है। इसके बाद प्रदर्शनी स्थल की दीवारों पर खाली जगहें दिखाई देने लगीं। वहां वन्यजीव फोटोग्राफी और अमूर्त कला की तस्वीरें प्रदर्शित रहीं।

शाम 3:30 बजे दिया गया अल्टीमेटम, शाम 5 बजे तक हटाने को कहा

रेहान ने पीटीआई को बताया कि बुधवार को दोपहर करीब 3:30 बजे उनसे कहा गया कि यदि शाम 5 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। उनके मुताबिक, प्रबंधन ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ऐसी तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है। रेहान ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब प्रदर्शनी का प्रस्ताव और लेआउट पहले ही साझा कर दिया गया था, तब उद्घाटन से कुछ घंटे पहले इतनी बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाने का निर्देश देना अनुचित था।
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, रेहान ने बताया कि तस्वीरों को लेकर आपत्ति प्रदर्शनी के राजनीतिक स्वरूप के आधार पर जताई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी कला स्थल पर राजनीतिक विषयों से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित करने पर रोक है, तो कला और राजनीति को अलग कैसे किया जा सकता है।

तिरंगे की तस्वीर हटाने से रेहान ने किया इनकार

इस विवाद का एक अहम पहलू भारतीय राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे की तस्वीरों को लेकर है। रेहान के मुताबिक, प्रबंधन ने विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों के साथ तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मैंने इनकार कर दिया है। मैं भारतीय झंडे की तस्वीर नहीं हटाऊंगा।”
द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने एक तिरंगे की तस्वीर हटाई थी, जिसे रेहान ने दोबारा लगा दिया। हालांकि, बाद में प्रदर्शनी जारी रखने के लिए तस्वीरों को लेकर समझौता करना पड़ा। इस घटनाक्रम के बारे में अलग-अलग रिपोर्टों में तिरंगे की तस्वीरों को हटाने के प्रयास और अंतिम स्थिति का विवरण कुछ अलग है।
रेहान का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में प्रचार करना नहीं, बल्कि पिछले कुछ महीनों में देश में हुए युवा आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेज तैयार करना था।

किन विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं?

रेहान की फोटो सीरीज में दिल्ली में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के दृश्य शामिल थे। इनमें प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते पुलिसकर्मियों की तस्वीरें भी थीं। एक तस्वीर में राहुल गांधी भी प्रदर्शनकारियों के बीच नजर आते हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का संबंध मुख्य रूप से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision — SIR) के तहत किए जा रहे बदलावों के विरोध से था। विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। रेहान ने इन घटनाओं को अपने कैमरे के माध्यम से दर्ज किया था। उनका कहना है कि तस्वीरों में नारे या किसी के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी जोड़ने के बजाय घटनाओं को दृश्य रूप में दर्ज करने पर जोर दिया गया।

प्रियंका गांधी बोलीं- आज वह है, कल कोई और कलाकार होगा

बेटे की तस्वीरें हटाए जाने के मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीकानेर हाउस प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देशभर में युवाओं की आवाज दबाई जा रही है और इस तरह की कार्रवाई किसी एक कलाकार तक सीमित नहीं रहेगी। प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके बेटे की तस्वीरें विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेज थीं। उनके मुताबिक, इन तस्वीरों में किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी या कोई अतिरिक्त राजनीतिक संदेश नहीं था। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कहा कि आज रेहान के साथ ऐसा हुआ है, कल किसी दूसरे कलाकार के साथ भी हो सकता है। 

‘नो आइडिया इज फाइनल’ प्रदर्शनी जारी रहेगी

रेहान की प्रदर्शनी का नाम ‘नो आइडिया इज फाइनल’ है। इसमें वन्यजीव फोटोग्राफी, अमूर्त कला और भारत में हाल के युवा आंदोलनों से जुड़ी स्ट्रीट फोटोग्राफी शामिल थी। प्रदर्शनी की झलक 21 अक्टूबर को दिखाई गई थी। यह 22 अक्टूबर से आम दर्शकों के लिए खुलने वाली है और 25 अक्टूबर तक चलने का कार्यक्रम है। तस्वीरें हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहने की बात कही गई है। रेहान ने कहा कि फिलहाल प्रदर्शनी का कुछ हिस्सा ही दिखाया जाएगा, लेकिन वह हटाई गई तस्वीरों को प्रदर्शित करने के लिए दिल्ली में किसी दूसरे स्थान की तलाश करेंगे। द प्रिंट के मुताबिक, इन तस्वीरों को दिसंबर में बेंगलुरु में होने वाली प्रदर्शनी में भी दिखाने की योजना है।