राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी भी जारी है। लेकिन इसी मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर नाटक खेला तो कुछ साधुओं और विश्व हिन्दू परिषद को बहुत बुरा लगा। इन लोगों ने सांसदों पर एफआईआर दर्ज कराई है।
राम मंदिर चंदा 'चोरी' पर नुक्कड़ नाटक। फाइल फोटो
संसद भवन परिसर में विपक्ष द्वारा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी के विरोध में किए गए 'नाटकीय प्रदर्शन' (Skit) को लेकर विवाद गरमा गया है। भगवा वस्त्र पहनकर दान पात्र से पैसे जेब में डालने के इस सांकेतिक प्रदर्शन को लेकर वाराणसी में पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की वाराणसी पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
- हालांकि इस नाटक में राहुल गांधी की कोई भूमिका नहीं थी। जिस तरह विपक्ष के सांसदों ने वहां दानपात्र में पैसे डाले, ठीक उसी तरह राहुल गांधी ने भी दान बॉक्स में पैसे डाले। गेरुआ वस्त्र पप्पू यादव ने पहना हुआ था।
शुक्रवार (31 जुलाई) को संसद परिसर के मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन किया। विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों और छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ यह विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान एक सांकेतिक नाटक (Skit) खेला गया। संसद के मकर द्वार के बाहर दान पात्र (Donation Boxes) रखे गए। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर दान पात्रों के पास बैठे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसदों ने दान पात्रों में पैसे डाले। इसके बाद भगवा वस्त्र पहने पप्पू यादव ने उन पैसों को उठाकर अपनी जेब में डाल लिया।
इस नुक्कड़ नाटक के जरिए विपक्ष ने राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को दिखाया था। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा सांसद अवधेश प्रसाद, धर्मेंद्र यादव और झामुमो (JMM) सांसद महुआ माजी जैसे प्रमुख नेता मौजूद थे। विपक्षी नेताओं ने "अमित शाह इस्तीफा दो", "अमित शाह सदन में आओ" और "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" जैसे नारे लगाए।
नाटक राजनीतिक था, बीजेपी पर हमला था, लेकिन साधू बुरा मान गए
इस प्रदर्शन के बाद वाराणसी में धार्मिक भावनाएं आहत होने और सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की गई। वाराणसी के काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) गौरव बंसवाल के अनुसार, कोतवाली पुलिस स्टेशन में संतों और वकीलों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। अधिवक्ता विनीत कुमार सिंह के नेतृत्व में वकीलों के एक समूह ने वाराणसी के कैंटोनमेंट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाया। जगतगुरु बालकदास देवाचार्य ने कहा कि जिस प्रकार पप्पू यादव ने संसद भवन परिसर में भगवान राम, सनातन धर्म और भगवा वस्त्र का अपमान किया है, उसे कोई भी सनातनी माफ नहीं कर सकता।
VHP और अखिल भारतीय संत समिति का रुख
इस घटनाक्रम पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अखिल भारतीय संत समिति ने कड़ा ऐतराज जताया है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने जारी एक वीडियो बयान में इसे "अश्लील और अपमानजनक" प्रदर्शन बताया। उन्होंने रामायण का संदर्भ देते हुए कहा: "जिस तरह रावण ने सीता हरण के लिए साधु का वेश धारा था, क्या ये लोग भी साधु का वेश बनाकर हिंदू आस्था पर चोट करना चाहते हैं? साधु वेश धारण कर संतों का अपमान किया गया है और हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।" जैन ने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि वे किसी अन्य धर्म के धर्मगुरुओं की पोशाक पहनकर ऐसा मजाक उड़ाकर दिखाएं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और विहिप द्वारा भी कानूनी कार्रवाई पर विचार करने की बात कही।अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्रनंद सरस्वती ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपील की कि सनातन धर्म का अपमान करने वाले इन सभी सांसदों की संसद सदस्यता रद्द (Expulsion) की जाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों की जांच SIT और सुप्रीम कोर्ट कर रहा है, लेकिन इसके बहाने सनातन धर्म और संतों की तपस्या को लांछित करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।