महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को मुंबई से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। 
  • शिवसेना यूबीटी के बागी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को शिवसेना शिंदे में विलय का पत्र सौंपा।
  • पीटीआई के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सभी सांसदों को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया है। 
  • इससे पहले बागी सांसदों की डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे से सुबह की मुलाकात टाल दी गई। 
  • बागी सांसदों से कहा गया कि वे पहले लोकसभा स्पीकर से मिलकर दावा पेश करें। उसके बाद उनकी मुलाकात शिंदे से कराई जाएगी और वो उन्हें लेकर बीजेपी की टॉप लीडरशिप के पास जाएंगे। 
  • इस बीच शिवसेना यूबीटी के सांसद अरविन्द सावंत ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर कहा कि वे बागी सांसदों को किसी भी तरह से मान्यता न दें। 
  • पार्टी के ही सीनियर नेता और सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया गया है कि बागी सांसदों को 50 करोड़ की पेशकश की गई है।
बुधवार को लोकसभा सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने दिल्ली स्थित आवास पर राज्यसभा सांसद संजय राउत से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं ने नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जबकि दूसरी तरफ शिवसेना यूबीटी के 6 बागी सांसदों की एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे के साथ बुधवार सुबह की बैठक टाल दी गई। बागी सांसदों से कहा गया कि वे पहले लोकसभा स्पीकर के पास जाकर अपना दावा पेश करें। इसके बाद बागी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के पास जाकर अपना दावा पेश किया। उनका कहना है कि वे शिवसेना यूबीटी छोड़कर शिवसेना शिंदे में विलय करना चाहते हैं।
शिवसेना (UBT) के लोकसभा नेता अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अपील की है कि "किसी भी बागी सांसद द्वारा अलग गुट या किसी अन्य पार्टी में विलय की मांग को मान्यता न दी जाए।" सावंत ने मीडिया से कहा, "मैंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को संविधान की रक्षा के लिए पत्र लिखा है। अब तक कोई पार्टी नेता हमें नहीं बता पाया है कि वे जा रहे हैं।"



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संजय राउत का बड़ा आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। राउत ने कहा, "मुझे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति का फोन आया था। उन्होंने बताया कि सांसदों को 50 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया है, जिसमें 15 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के रूप में देने की बात कही गई है। महाराष्ट्र में सांसदों की खरीद-फरोख्त की जा रही है।" उन्होंने आगे कहा, "सांसदों को पार्टी के साथ विश्वासघात करने का अधिकार नहीं है। इस बार जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और इसकी प्रतिक्रिया होगी।"

जिनके पास रिक्शे के पैसे नहीं, वे जेट से उड़ रहे हैंः राउत

राउत ने X पर लिखा, "नांदेड़ एयरपोर्ट पर चार्टर्ड प्लेन उतरता है। ऑपरेशन टाइगर के नाम पर दो सांसदों को उठाकर उड़ान भरता है। इनके पास रिक्शे से यात्रा करने के भी साधन नहीं थे। ठाकरे के नाम की वजह से इनकी कीमत प्राइवेट जेट उड़ाने तक पहुंच गई है।" राउत का यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा जा रहा है कि कुछ सांसद दिल्ली में मौजूद हैं और वे संसद में अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता लेने की कोशिश कर सकते हैं।

राजाभाऊ वाजे ने उद्धव ठाकरे के प्रति जताई निष्ठा

नासिक से शिवसेना (यूबीटी) सांसद राजाभाऊ वाजे भी दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्हें उन तीन सांसदों में शामिल बताया जा रहा है जो अभी भी खुलकर उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं। वाजे ने कहा, "मैं उद्धव जी के साथ हूं और आगे भी उनके साथ रहूंगा। मेरा किसी अन्य नेता से कोई संपर्क नहीं है। मुझे शिंदे जी की ओर से कोई फोन नहीं आया है। मैं नाराज नहीं हूं और पूरी तरह शिवसेना (यूबीटी) के साथ हूं। मैं यहां एक बैठक के लिए आया हूं।"

सांसद दीना पाटील ने शिंदे कैंप में जाने का खंडन कियाः शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय दीना पाटील ने एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री से कोई संबंध नहीं है। पाटिल ने बताया कि वे फिलहाल मुंबई में हैं और उन्होंने पत्रकारों को सलाह दी कि वे इस बारे में पार्टी नेताओं संजय राउत और अरविंद सावंत से स्पष्टीकरण लें। पाटील ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले खेमे से संभावित दलबदल की खबरों को खारिज करते हुए कहा, "हमें कल दिल्ली में हमारी संसदीय पार्टी की बैठक के लिए बुलाया गया है। मैं एकनाथ शिंदे जी से क्यों मिलूंगा? मेरा एकनाथ शिंदे से कोई संबंध नहीं है।"

संजय जाधव हो सकते हैं बागियों के नेता

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस समय दिल्ली में हैं, क्योंकि शिवसेना (यूबीटी) के भीतर विद्रोह जोर पकड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्रोही गुट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक पत्र सौंप सकता है, जिसमें सांसद संजय जाधव को नेता के रूप में प्रस्तावित किया जाएगा। विद्रोही सांसदों और शिंदे के बीच बैठक शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के दिल्ली स्थित आवास पर होने की उम्मीद थी, लेकिन श्रीकांत इस समय महाबलेश्वर में हैं और सूत्रों के मुताबिक, वे आज रात या कल तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।
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कांग्रेस का भाजपा पर हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। पटोले ने कहा, "यह ऑपरेशन टाइगर नहीं बल्कि ऑपरेशन गीदड़ है। सत्ता की भूख की भी एक सीमा होती है, लेकिन नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी उस सीमा को पार कर चुके हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता किसी पार्टी को वोट देती है, लेकिन चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दूसरी पार्टियों में शामिल कराकर सत्ता का प्रदर्शन किया जा रहा है। 

बीजेपी ने किया बचाव

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को कहा कि भाजपा का “ऑपरेशन टाइगर” से कोई लेना-देना नहीं है। उद्धव ठाकरे को खुद पता होना चाहिए कि उनके सांसद या विधायक उन्हें क्यों छोड़ रहे हैं। अगर वे एकनाथ शिंदे के साथ जा रहे हैं, तो यह उनसे संबंधित मामला है। न तो हमारे मुख्यमंत्री का और न ही हमारे किसी नेता का इससे कोई संबंध है। भाजपा को इसमें क्यों घसीटा जा रहा है?" बावनकुले ने कहा कि "मुझे लगता है कि सांसदों और विधायकों पर ऐसे आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। यह आरोप लगाना सही नहीं है कि कोई सांसद या विधायक पैसे के लिए अपना रुख बदलता है। किसी विधायक या सांसद के दल-बदल करने के कारणों की जांच होनी चाहिए। भाजपा का इससे कोई संबंध नहीं है।"