दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के संसद मार्च प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से कई छात्र घायल हो गए। शॉक बैटन के इस्तेमाल के भी आरोप हैं। द हिन्दू अखबार ने इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की है। दिल्ली पुलिस ने दावों को खारिज किया है।
जंतर मंतर पर सोमवार को पुलिस एक्शन। फाइल फोटो
दिल्ली में सोमवार (20 जुलाई 2026) को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा संसद तक निकाले गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में पेलेट गन (Pellet Guns) और शॉक बैटन (Shock Batons) के इस्तेमाल के गंभीर आरोप सामने आए हैं। हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
पेलेट गन का पहला मामला
द हिन्दू अखबार ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल सूत्रों के अनुसार बताया है कि जबलपुर (मध्य प्रदेश) निवासी और गुड़गांव की एक निजी कंपनी में कार्यरत शेख इरशाद मंसूरी (25 वर्ष) पेलेट गन से घायल हुए हैं। आरोप है कि कनॉट प्लेस के पालिका बाजार के पास रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने उन्हें निशाना बनाया। राजधानी दिल्ली में आम नागरिकों पर पेलेट गन के इस्तेमाल का यह पहला कथित मामला माना जा रहा है। इससे पहले कश्मीर में युवकों पर पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ था। कश्मीर से भी पहले ग़ज़ा में फिलिस्तीनी युवकों पर इसराइल ने पेलेट गन का इस्तेमाल किया था। बाद इसराइल ही भारत को इसकी सप्लाई करने लगा।
मंगलवार को एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक महिला प्रदर्शनकारी पर 'शॉक बैटन' (हल्का बिजली का झटका देने वाली लाठी) का इस्तेमाल करते देखा गया। दिल्ली में शॉक बैटन के इस्तेमाल का भी यह पहला मामला बताया जा रहा है।
अस्पताल में घायलों की स्थिति
द हिन्दू अखबार के मुताबिक इरशाद मंसूरी के चेहरे और शरीर पर 30 से 40 पेलेट की चोटें आईं। डॉक्टरों ने आंख के नीचे और ऊपरी शरीर में धंसे पेलेट निकाल दिए हैं, जबकि गर्दन में खून की नस के पास धंसा एक पेलेट निकालने के लिए अगली सर्जरी हो सकती है।
- आंख में चोट: एक अन्य प्रदर्शनकारी को पेलेट से आंख में गंभीर चोट की आशंका के चलते AIIMS रेफर किया गया।
गंभीर रूप से घायल 21 वर्षीय साक्षी को गंभीर हालत में राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। 15 वर्षीय एक घायल छात्र को कलावती शरण बच्चों के अस्पताल में ट्रांसफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, झड़प में घायल हुए नागरिकों और पुलिसकर्मियों की कुल संख्या बढ़कर 83 हो गई है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया एवं पुलिस का इनकार
- दिल्ली पुलिस का बयान: न्यू दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ने सोशल मीडिया (X) पर कहा कि "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल की खबरें पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं। जनता से अपील है कि वे गैर-सत्यापित सामग्री को साझा न करें।"
- सीआरपीएफ की प्रतिक्रिया: रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के बेड़े में पेलेट गन और शॉक बैटन शामिल होते हैं, लेकिन सीआरपीएफ (CRPF) की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई।
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का दौरा: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने अस्पताल जाकर इरशाद मंसूरी से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।
सीजेपी (CJP) का यह प्रदर्शन पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया है। यह आंदोलन अभी भी चल रहा है।
पेलेट गन क्रोनॉलजी
2024 के किसान आंदोलन (खनौरी और शंभू बॉर्डर) में इस्तेमाल हुआ। एक मौत
2023 में मणिपुर जातीय हिंसा के दौरान
2016 में अशांत जम्मू-कश्मीर में भी पेलेट का इस्तेमाल