टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (TISS) ने 2 अगस्त को प्रस्तावित 86वां दीक्षांत समारोह (Convocation) अचानक स्थगित कर दिया है। समारोह से ठीक पहले लिए गए इस फैसले से बड़ी संख्या में छात्रों और उनके परिवारों में निराशा है, क्योंकि कई छात्रों ने पहले ही अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के लिए यात्रा और ठहरने की व्यवस्था कर ली थी।
इस दीक्षांत समारोह में भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। हालांकि संस्थान ने आधिकारिक तौर पर समारोह स्थगित करने की वजह केवल "अप्रत्याशित परिस्थितियां" (Unforeseen Circumstances) बताई है, लेकिन संस्थान से जुड़े अधिकारियों और छात्रों के अनुसार कैंपस में संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं।हालांकि इस बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है कि यही आशंकाएं समारोह स्थगित किए जाने का कारण बनीं।

प्रदर्शन की आशंकाओं की चर्चा

संस्थान से जुड़े अधिकारियों और छात्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से कैंपस में इस बात की चर्चा थी कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी दीक्षांत समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी बीच सीजेआई सूर्यकांत के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के कैंपस का दौरा करने की भी खबरें सामने आईं, जिसे कई लोगों ने सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा माना।
हालांकि TISS प्रशासन ने अपने किसी भी आधिकारिक बयान में न तो सुरक्षा कारणों का उल्लेख किया है और न ही CJP आंदोलन या संभावित विरोध प्रदर्शनों को समारोह स्थगित करने की वजह बताया है। उसी तरह सीजेआई की ओर से प्रदर्शन की पूर्व सूचना नहीं थी। आमतौर पर सीजेआई ऐसे प्रदर्शन से पहले ऐलान करता है।
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कॉकरोच से डर क्यों

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की पैदाइश 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान एक टिप्पणी से हुई थी, जिसमें CJI सूर्य कांत ने इस बात पर चिंता जताई थी कि बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज़्म की ओर भटक रहे हैं। सीजेआई की टिप्पणी में आए कॉकरोच शब्द ने सीजेपी को जन्म दिया।  हालांकि CJI सूर्यकांत ने अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि ऐसे युवा समाज में "कॉकरोच" की तरह परजीवी बन रहे हैं। बाद में CJI कांत ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जिनके पास फ़र्ज़ी डिग्रियां हैं और जो ऐसी गतिविधियों में शामिल रहते हैं। सीजेपी ने अब पेपर लीक को मुद्दा बनाकर आंदोलन छेड़ा हुआ है। इस दौरान सीजेपी की मांग पर पिछले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हो चुका है।

छात्रों को भेजे गए ईमेल में क्या कहा गया

संस्थान के रजिस्ट्रार की ओर से छात्रों को भेजे गए ईमेल में केवल यह जानकारी दी गई कि दीक्षांत समारोह स्थगित किया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया। बाद में शुक्रवार को जारी सार्वजनिक बयान में TISS ने कहा कि यह निर्णय संस्थान के दीर्घकालिक हितों और समारोह से जुड़े सभी लोगों की सुरक्षा एवं भलाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

संस्थान के बयान में कहा गया, "संस्थान को दीर्घकालिक हितों की रक्षा करने तथा छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विशिष्ट अतिथियों, मेहमानों और कैंपस जीवन की सुरक्षा एवं भलाई सुनिश्चित करने के लिए यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।" हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि वे कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके कारण अंतिम समय में कार्यक्रम टालना पड़ा।

छात्रों को हुई भारी असुविधा

समारोह स्थगित होने के फैसले से सबसे अधिक प्रभावित वे छात्र हुए जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के लिए पहले ही टिकट बुक करा लिए थे और होटल आदि की व्यवस्था कर ली थी। कई छात्रों ने इस अंतिम समय के फैसले पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन का महत्वपूर्ण अवसर था और अचानक कार्यक्रम टलने से आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

आर्थिक सहायता देने का आश्वासन

TISS ने अपने बयान में स्वीकार किया कि समारोह स्थगित होने से छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा हुई है। संस्थान ने कहा, "TISS अपने छात्रों के साथ पूरी तरह खड़ा है और कार्यक्रम स्थगित होने से उत्पन्न आर्थिक कठिनाइयों से जुड़े मामलों पर लागू नियमों के अनुसार प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा करेगा।" संस्थान ने यह भी बताया कि प्रभावित छात्रों को इस संबंध में ईमेल के माध्यम से पहले ही सूचित कर दिया गया है।

जल्द घोषित होगी नई तारीख

TISS प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दीक्षांत समारोह को यथाशीघ्र पुनर्निर्धारित किया जाएगा। संस्थान विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है और जल्द ही नई तारीख की घोषणा करेगा। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट, कंसॉलिडेटेड ग्रेड शीट या अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की आवश्यकता है, वे पहले की तरह संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें प्राप्त कर सकेंगे।
हालांकि समारोह स्थगित होने की वास्तविक वजह को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं जारी हैं, लेकिन फिलहाल TISS का आधिकारिक रुख यही है कि यह फैसला केवल "अप्रत्याशित परिस्थितियों" और संस्थान के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं, कैंपस में CJP आंदोलन से जुड़े संभावित विरोध प्रदर्शनों की चर्चाओं और सुरक्षा चिंताओं को लेकर संस्थान ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।