2022-23 की तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी 40.19 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि 2021-22 की तीसरी तिमाही में यह 38.51 लाख करोड़ रुपये थी।
अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण में सख्त मौद्रिक नीति और ऊंची ब्याज दरों के मद्देनजर तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।