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ट्रंप के दौरे के बीच सेंसेक्स में 800 अंकों की गिरावट क्यों?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की यात्रा के बीच ही शेयर बाज़ार ने गोता लगाया है। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सेंसेक्स 806.89 अंकों की भारी गिरावट के साथ 40363.23 पर बंद हुआ तो निफ़्टी 242.25 अंक फिसल कर 11838.60 पर बंद हुआ है। इससे पहले दोपहर दो बजे तक इसमें क़रीब 490 अंकों की गिरावट आई थी। क़रीब चार घंटे पहले जब ट्रंप भारत पहुँचे भी नहीं थे तब सेंसेक्स में क़रीब चार सौ अंकों की गिरावट आई थी और निफ़्टी में 123 अंकों की। शेयर बाज़ार में क़ारोबारी हफ़्ते का यह पहला दिन है। दोपहर से पहले क़ारोबार में सेंसेक्स 500 अंक नीचे चला गया था। हाालाँकि, दोपहर 1 बजे के बाद इसमें सुधार हुआ लेकिन 2 बजते-बजते यह फिर 500 अंकों के आसपास चला गया। इससे सवाल उठता है कि क्या शेयर बाज़ार ट्रंप के दौरे से निराश है?

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यह तब है जब ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान भारत के साथ व्यापार समझौतों को लेकर आशंकाएँ जताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि ट्रंप शायद ही कोई ऐसा समझौता करें जो भारत के पक्ष में हो। यानी ट्रंप की यात्रा से शेयर बाज़ार ख़ुश नहीं है। हालाँकि शेयर बाज़ार के जानकारों का कहना है कि गिरावट का कारण अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ार के कमज़ोर संकेत है। लेकिन ट्रंप की यात्रा के बाद भी भारत का शेयर बाज़ार नहीं सुधरता दिखा।

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बता दें कि शेयर बाजार तीन दिनों के बाद खुले हैं। शुक्रवार को महाशिवरात्रि के पर्व के चलते शेयर बाज़ार बंद थे। सोमवार को जब बाज़ार खुला तो लाल निशान पर। हालाँकि कहा जा रहा है कि शेयर बाज़ार पर अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ार का असर है। एशियाई बाज़ारों से कमज़ोर संकेत मिले। हैंडसैंग निक्केई और शांघाई इंडेक्स क़रीब 1.50 पर्सेंट नीचे पहुँचे। कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का असर शेयर बाज़ार पर हो रहा है। निवेशक शेयर बाजार से निवेश निकालकर सोना और डॉलर में निवेश करने में फायदा देख रहे हैं। एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि शेयर बाज़ार के निवेशकों को आशंका है कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान और कम हो सकता है। 

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