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लद्दाख के पूर्व बीजेपी प्रमुख ने कहा, भारत की ज़मीन पर निर्माण कार्य कर रही है चीनी सेना

चीनी घुसपैठ के मामले में प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ता चाहे जो कहें, लद्दाख में बीजेपी के पूर्व प्रमुख और जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री रह चुके शेरिंग दोर्जे का साफ़ मानना है कि चीन सीना न केवल भारतीय ज़मीन पर काबिज है, वह नहीं लौटने वाली है। उन्होंने यह भी कहा है कि चीनी सेना स्थायी निर्माण कर रही है, यह दूर से बिल्कुल साफ़ दिख रहा है।
शेरिंग दोर्जे महबूबा मुफ़्ती की पीडीपी-बीजेपी सरकार में लद्दाख मामलों और सहकारिता के मंत्री थे। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'हमारे लोगों ने साफ़ देखा है कि चीनी सेना के बुलडोज़र वहां चल रहे हैं, सड़क बनाने का काम चल रहा है, हमारे गाँवों के बिल्कुल उस पार सबकुछ साफ़ दिख रहा है।'
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शेरिंग दोर्जे ने कहा, 

'चीनी सेना ने बग़ैर एक भी गोली चलाए इस इलाक़े पर कब्जा कर लिया है, स्थायी निर्माण कर रहे हैं और लगता है कि वह अब वहाँ से नहीं लौटेगी।'


शेरिंग दोर्जे, पूर्व प्रमुख, लद्दाख बीजेपी

पीएलए का कब्जा

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीपल्स लिबरेशन आर्मी को विवाद शुरू होने के पहले की स्थिति तक नहीं धकेला गया तो वे लोग इसी तरह लद्दाख की ज़मीन पर कब्जा करते रहेंगे।
बीजेपी के लद्दाख प्रमुख ने कहा कि चीनियों के काम करने का तरीका यह है कि वे पहले अपने चरवाहों को भारतीय सीमा में भेजते हैं और उनके पीछे-पीछे उनके सैनिक आते हैं।
भारतीयों के काम करने का तरीका उलटा है। वे अपने चरवाहों को चीनी इलाक़े तो क्या, भारतीय इलाक़ों में भी नहीं जाने देते हैं।

भारत का रवैया ढीला

दोर्जे ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास तैनात इंडो टिबेटन बॉर्डर पुलिस का रवैया ऐसा होता है कि वे कभी भी चीनी सैनिकों को चुनौती देने की हिम्मत नहीं करते हैं। चीनी चरवाहे आएं तो उन्हें पीछ जाने को नहीं कहते, चीनी सैनिक आ जाएं तो वे खामोश रहते हैं। 
ऐसा नहीं होता है कि चीनी सैनिकों के अंदर दाखिल होने पर वे वहां जाकर उन्हें पीछे हटने को कहें या उन्हें चुनौती दें। भारतीय सुरक्षा बलों की कुल मिला कर कोशिश यह रहती है कि जब तक वे वहां तैनात है, सबकुछ शांति से निकल जाए और जब अगली टीम पहुँचे तो वह अपने हिसाब से जो करना हो करे। दोर्जे ने कहा कि, 

भारतीय सुरक्षा बलों के लोग हर बार चीनी घुसपैठ को हल्के में लेते हैं या कम कर आँकते हैं। चीनी सैनिक हर बार थोड़ा आगे बढ कर थोड़ी सी भारतीय जमीन पर कब्जा कर लेते हैं।


शेरिंग दोर्जे, पूर्व प्रमुख, लद्दाख बीजेपी

लद्दाख के बड़े इलाक़े पर चीनी कब्जा

नतीजा यह हुआ है कि भारत के चरवाहे 15 साल पहले तक जहां जाकर अपनी पशमीना बकरियों या याक को चराया करते थे, उन इलाक़ों पर चीनियों का कब्जा हो चुका है।

वह आशंका जताते हैं कि इस बार भी शायद ऐसा ही हो, चीनी सैनिक इस बार भी पीछे न हटें।

यह स्थिति तब है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ़ तौर पर कह चुके हैं कि कोई विेदेशी न तो भारतीय सीमा में घुसा है न ही घुस कर बैठा हुआ है।

दूसरी ओर, गुरुवार को ही भारत और चीन के बीच सैनिकों हटाने के मुद्दे पर राजनयिक स्तर की बातचीत होनी है। यह बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए होगी, जिसमें दोनों पक्षों के चोटी के राजनयिक भाग लेंगे। इसके पहले भी कई दौर की राजनयिक, राजनीतिक व सैनिक स्तर की बातचीत हो चुकी है। इतना ही नहीं, चीन में तैनात भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री ने चीन के मिलिटरी कमीशन के बहुत बड़े अधिकारी से बात की, पर नतीजा नहीं निकला।
गुरुवार की राजनयिक स्तर की बातचीत का क्या नतीजा निकलता है, इसका फ़िलहाल इंतजार है, पर शेरिेंग दोर्जे की चिंता बिल्कुल जायज है।
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