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कश्मीर का पुरस्कृत पुलिसकर्मी हिज़बुल आतंकी के साथ पकड़ा गया

बहादुरी के लिए पुलिस मेडल से सम्मानित जम्मू-कश्मीर के एक पुलिस अफ़सर को दो आतंकवादियों के साथ पकड़ा गया है। दोनों आतंकी एक गाड़ी में श्रीनगर-जम्मू हाइवे से आ रहे थे। कहा जा रहा है कि दोनों आतंकी दिल्ली आ रहे थे। पुलिस के अनुसार आतंकी हिज़बुल मुजाहिदीन से संबंध रखते हैं। 

पुलिस के अनुसार पकड़े गये पुलिसकर्मी डीएसीपी दविंदर सिंह हैं। उन्हें पिछले साल ही 15 अगस्त को बहादुरी के लिए पुलिस मेडल अवार्ड दिया गया था। वह संवेदनशील श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैनात थे। उनको कुलगाम ज़िले के वानपोह से पकड़ा गया। वह हिज़बुल मुजाहिदीन के आतंकी नवीद बाबू और उसके एक साथी के साथ गाड़ी में थे। नवीद पहले स्पेशल पुलिस ऑफ़िसियल यानी एसपीओ था और बाद में वह आतंकी संगठन से जुड़ गया था।

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पुलिस का कहना है कि वह नवीद और उसकी लोकेशन को काफ़ी लंबे समय से ट्रैक कर रही थी। जब उसने अपने भाई के पास कॉल किया तो उसकी लोकेशन मिली। पुलिस उसके पीछे लगी हुई थी। शनिवार को जब नवीद अपने साथी के साथ श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर गाड़ी से जा रहा था तब पुलिस ने उसकी गाड़ी को रोका। इसमें नवीद और उसके एक साथी आसिफ़ के अलावा डीएसपी दविंदर सिंह भी थे। 

बता दें कि नवीद पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में उन 11 मज़दूरों की हत्या में शामिल रहा है जो जम्मू-कश्मीर के नहीं थे और जिनकी अलग-अलग समय में हत्या की गई थी। इसमें उस ट्रक ड्राइवर की हत्या भी शामिल है जो काफ़ी सुर्खियों में रही थी। ऐसे बाहरी लोगों को इसलिए निशाना बनाया जा रहा था ताकि देश के दूसरे राज्यों से रोज़गार के लिए गए लोगों को हतोत्साहित किया जा सके। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 में बदलाव किए जाने के बाद ऐसी घटनाएँ बढ़ गई थीं। तब बाहरी लोगों को काफ़ी ज़्यादा निशाना बनाया गया था।

दविंदर और नवीद की गिरफ़्तारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने श्रीनगर और दक्षिणी कश्मीर में कई जगहों पर छापे मारे। पुलिस का दावा है कि इस छापे में उसने सिंह और आतंकवादी द्वारा जमा किए गए बड़ी मात्रा में घातक हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार नवीद के कबूलनामे के बाद बादामी बाग़ कैंटोनमेंट में दविंदर सिंह के घर से पुलिस ने एके-47 राइफ़ल और दो पिस्तौल बरामद किए हैं। 

मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि आतंकी दिल्ली क्यों जा रहे थे और इसमें पुलिस अधिकारी क्यों मदद कर रहा था। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि दविंदर सिंह शनिवार को ड्यूटी पर नहीं गए थे और उन्होंने अगले दिन से चार दिन के लिए छुट्टी का आवेदन दे रखा था। 

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'एनडीटीवी' की रिपोर्ट के अनुसार दविंदर सिंह तब सुर्खियों आए थे जब 2013 में संसद पर हमले के दोषी अफज़ल गुरु द्वारा लिखे गए एक पत्र में दावा किया गया था कि उन्होंने उसे संसद हमले के एक आरोपी को दिल्ली पहुँचाने और उसके वहाँ ठहरने की व्यवस्था करने को कहा था। बता दें कि संसद हमले में दोषी क़रार दिए गए अफजल गुरु को फाँसी दे दी गई है। 

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