अमेरिका और इसराइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की खबर से मुस्लिम वर्ल्ड में बेहद ग़ुस्सा है। पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में कम से कम 12 लोग मारे गए और इस बीच प्रदर्शनकारियों ने दूतावास में आग लगा दी। भारत में भी जम्मू कश्मीर, यूपी सहित कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। कश्मीर घाटी में रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं हुईं। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और ख़ामेनेई की मौत पर मातम मनाया। यह ख़बर सुबह फैलते ही श्रीनगर के लाल चौक में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इसराइल के ख़िलाफ़ नारे लगाए और मर्सिया पढ़ा।

कहा जा रहा है कि यह प्रदर्शन कश्मीर में जम्मू-कश्मीर की विशेष दर्जा ख़त्म होने के बाद सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक हैं। पुलिस ने टकराव से बचने के लिए पीछे हटकर स्थिति को संभाला और अभी तक कोई हिंसा की ख़बर नहीं है, लेकिन पुलिस सतर्क है कि प्रदर्शन न फैले।

जम्मू कश्मीर में कहां-कहां प्रदर्शन?

श्रीनगर के लाल चौक, पुरानी दिल्ली और घंटा घर इलाकों में हजारों लोग जमा हुए। यहां शिया बहुल इलाकों में ज्यादा भीड़ थी। प्रदर्शनकारियों ने ख़ामेनेई की तस्वीरें, ईरानी झंडे और पोस्टर लिए हुए थे। वे 'अमेरिका-मुर्दाबाद, इसराइल-मुर्दाबाद' जैसे नारे लगा रहे थे। बडगाम जिले के कई इलाक़ों में भी प्रदर्शन हुए।
ताज़ा ख़बरें
उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के हैगाम में लोगों ने श्रीनगर-बारामूला हाईवे ब्लॉक कर दिया। दक्षिण और उत्तरी कश्मीर के कई अन्य इलाकों से भी ऐसी ख़बरें आईं। शिया और सुन्नी दोनों समुदायों ने इसमें हिस्सा लिया, जो दुर्लभ है। आयतुल्लाह ख़ामेनेई शिया मुसलमानों के लिए दुनिया भर में आध्यात्मिक नेता थे।

उमर अब्दुल्ला ने की शांति की अपील

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति पर चिंता जताई और शांति की अपील की। उनके ऑफिस ने एक्स पर पोस्ट किया, 'मुख्यमंत्री ने ईरान में हो रही घटनाओं, खासकर सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की ख़बरों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने और ऐसी कोई हरकत न करने की अपील की जो तनाव बढ़ा सके।'
सरकार ने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ईरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के निवासियों, खासकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।

मीरवाइज उमर फारूक की कड़ी प्रतिक्रिया

कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने ख़ामेनेई की मौत को क्रूर हत्या बताया और मुस्लिम दुनिया में हलचल मचने की बात कही। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और इसराइल द्वारा आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई की क्रूर हत्या से बहुत दुख और गुस्सा है। जम्मू-कश्मीर के लोग इस क्रूरता की निंदा करते हैं। ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता और मिनाब में मासूम लड़कियों छात्राओं की हत्या की भी निंदा करते हैं।'
जम्मू कश्मीर से और ख़बरें
मीरवाइज ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की और सोमवार को पूर्ण बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'यह मुस्लिम समुदाय के लिए एकजुट होने का मौका है। हम विरोध और एकजुटता दिखाएं। मुतहिदा मजलिस-ए-उलमा ने कल पूर्ण हड़ताल बुलाई है। लोग इसे शांति से मनाएं।'

महबूबा मुफ्ती क्या बोलीं?

पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट किया, 'आज इतिहास का बहुत दुखद और शर्मनाक दिन है, जहां इसराइल और अमेरिका ईरान के प्रिय नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या पर घमंड कर रहे हैं। और भी ज्यादा शर्मनाक है कि कुछ मुस्लिम देशों ने सुविधा और स्वार्थ के लिए विवेक को ताक पर रख दिया। इतिहास गवाह रहेगा कि कौन न्याय के लिए लड़ा और कौन जालिमों का साथ दिया। ईरान के लोगों के साथ दुआएं। अल्लाह उन्हें ताकत दे और अत्याचार के खिलाफ जीत दिलाए।'

परीक्षाएं स्थगित

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड ने रविवार को होम डिपार्टमेंट में लेबोरेटरी अटेंडेंट की ओएमआर आधारित परीक्षा आखिरी समय पर स्थगित कर दी। बोर्ड ने कहा कि नई तारीख बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर बताई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला ख़ामेनेई की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों को देखते हुए लिया गया।

कश्मीर में यह प्रदर्शन ईरान के साथ भावनात्मक जुड़ाव दिखाते हैं। स्थिति नाजुक है और पुलिस सतर्क है। ईरान में 40 दिन के शोक की घोषणा की गई है, जिसका असर यहां भी दिख रहा है।
सर्वाधिक पढ़ी गयी ख़बरें

कराची में अमेरिकी दूतावास पर गोलीबारी में 12 मारे गए

ख़ामेनेई के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में प्रदर्शन हिंसक हो गया। रविवार को कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर बहुत बड़ी भीड़ जमा हो गई। शिया समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोग अमेरिका और इसराइल के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे। वे दूतावास की तरफ़ बढ़ने लगे। पुलिस ने रास्ते बंद कर दिए और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। स्थिति बहुत बिगड़ गई। गोलीबारी हुई, जिसमें कम से कम 10 लोग मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हो गए। इन घटनाओं के बीच प्रदर्शनकारियों ने दूतावास में आग लगा दी।

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि दूतावास के अंदर अमेरिकी सुरक्षा कर्मी हाई अलर्ट पर थे। प्रदर्शनकारी दूतावास के गेट तक पहुंच गए, खिड़कियां तोड़ीं और कुछ जगहों पर आग भी लगाई। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने बल प्रयोग किया। स्थानीय टीवी चैनल समा टीवी ने बताया कि गोलीबारी में 8 से ज्यादा लोग मारे गए। लेकिन पाकिस्तानी सरकार और अमेरिकी अधिकारियों ने अभी मौतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है। पहले कुछ घायलों की खबर आई थी, बाद में संख्या बढ़ गई।